ईरान समर्थित हमले के बाद ट्रंप की चेतावनी, कहा- अब पलटवार करने की बारी हमारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान समर्थित बलों द्वारा किए गए एक और मिसाइल हमले के बाद कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने पैट्रियट सिस्टम का इस्तेमाल कर पांच…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान समर्थित बलों द्वारा किए गए एक और मिसाइल हमले के बाद कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने पैट्रियट सिस्टम का इस्तेमाल कर पांच मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया, जिसके बाद अब जवाब देने की "हमारी बारी है"।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को यह बयान वाशिंगटन डलेस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक कार्यक्रम के दौरान दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें मिस्र के पास एक एलएनजी टैंकर पर हुए ड्रोन हमले की भी जानकारी मिली है। ट्रंप ने संकेत दिया कि वाशिंगटन सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, हालांकि उन्होंने भविष्य में किसी समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया।
"हम उन पर जोरदार हमला करेंगे"
राष्ट्रपति ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा, "हम उन पर जोरदार हमला करेंगे, क्योंकि अब पलटवार करने की हमारी बारी है। मुझे पता है कि ऐसा होने वाला है। वे हमें ऐसा न करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन कल रात उन्होंने हमला करने की कोशिश की।"
उन्होंने अमेरिकी सैन्य तकनीक की प्रशंसा करते हुए कहा, "उन्होंने 8,500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पांच रॉकेट दागे थे... यह अच्छी बात रही कि हमारे लोग दुनिया के सबसे बेहतरीन उपकरण यानी पैट्रियट सिस्टम को ऑपरेट कर रहे थे। उन सभी रॉकेट को जमीन पर गिरा दिया गया, लेकिन फिर भी उन्होंने हमला करने की कोशिश की, इसलिए अब हमारी बारी है।"
चीन और कूटनीति पर ट्रंप का रुख
जब ट्रंप से उन खबरों के बारे में पूछा गया कि ईरान को पाकिस्तान के रास्ते चीन से सैकड़ों रॉकेट लॉन्चर मिल सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो उन्हें हैरानी होगी। उन्होंने बताया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें आश्वासन दिया है कि बीजिंग, ईरान को हथियार नहीं देगा।
एक अन्य संदर्भ में, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने की अपनी इच्छा दोहराई। उन्होंने कहा, "बैठक अच्छी रही। राष्ट्रपति पुतिन और जेलेंस्की के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं... मैंने कहा, बस युद्ध खत्म करो।"
क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी बनी रहेगी
ट्रंप ने उन सुझावों को खारिज कर दिया कि हालिया हमलों के कारण अमेरिका को मध्य पूर्व से अपनी सेना हटानी पड़ सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया, "मुझे ऐसा नहीं लगता। नहीं, हम ऐसा नहीं करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि इस हमले में शामिल समूह ने पहले ही तनाव कम करने की कोशिश करते हुए माफी मांग ली है, लेकिन "हमें उन्हें थोड़ा सबक सिखाना होगा।" राष्ट्रपति ने अमेरिकी कांग्रेस से ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों के अलावा टैरिफ लगाने के लिए भी कानून को मजबूत करने का आग्रह किया।
इनपुट: IANS



