शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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कोच्चि कार हादसा: पीड़ित परिवार से मिले सीएम सतीशन, कानूनी लड़ाई में पूरे सरकारी समर्थन का भरोसा दिया

केरल के कोच्चि में एक नाबालिग की कार से हुई टक्कर में मारे गए जयाबालकृष्णन के परिवार से शुक्रवार को मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए न्याय की लड़ाई…

कोच्चि कार हादसा: पीड़ित परिवार से मिले सीएम सतीशन, कानूनी लड़ाई में पूरे सरकारी समर्थन का भरोसा दिया
(फोटो: IANS)

केरल के कोच्चि में एक नाबालिग की कार से हुई टक्कर में मारे गए जयाबालकृष्णन के परिवार से शुक्रवार को मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए न्याय की लड़ाई में हरसंभव सरकारी मदद का आश्वासन दिया है। यह मुलाकात जयाबालकृष्णन के चेरानेल्लूर स्थित आवास पर हुई।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, जयाबालकृष्णन के परिवार ने मुख्यमंत्री को एक शिकायत पत्र भी सौंपा। इसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपी किशोर के पिता, जो एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश हैं, ने दुर्घटना के बाद महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया था।

सबूत नष्ट करने का गंभीर आरोप

परिवार का दावा है कि दुर्घटना के तुरंत बाद न्यायाधीश अपने परिवार के साथ एक दूसरी गाड़ी में घटनास्थल पर पहुँच गए थे। उन्होंने कहा कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि हो सकती है और उनका मानना है कि न्यायाधीश का इरादा सबूतों के साथ छेड़छाड़ करना था। मुख्यमंत्री ने परिवार से मामले की प्रगति की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि इस कानूनी लड़ाई में सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।

अदालत ने नाबालिग की पहचान पर जताई आपत्ति

इसी बीच, शुक्रवार को एर्नाकुलम सत्र न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान नाबालिग आरोपी की पहचान सार्वजनिक किए जाने पर सख़्त नाराज़गी ज़ाहिर की। राज्य सरकार और पीड़ित परिवार ने आरोपी की ज़मानत रद्द करने के लिए दो अलग-अलग याचिकाएँ दायर की हैं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कविता गंगाधरन ने स्पष्ट किया कि किसी भी किशोर का नाम और पता उजागर करना 'किशोर न्याय अधिनियम' (Juvenile Justice Act) का उल्लंघन है।

अदालत ने कहा कि नाबालिग की पहचान की सुरक्षा करना उसकी ज़िम्मेदारी है। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे याचिकाओं से किशोर का नाम हटाकर उसकी जगह 'नाबालिग आरोपी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करें। मामले की अगली सुनवाई शनिवार को निर्धारित की गई है। जयाबालकृष्णन की बेटी भद्रकीर्ति ने बताया कि वकील श्रीजीत ही परिवार का पक्ष रखते रहेंगे और भविष्य की रणनीति अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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