सऊदी अरब का मक्का पर ड्रोन हमले का दावा, यमन के हूती विद्रोहियों ने बताया 'झूठा प्रचार'
यमन के हूती विद्रोही समूह ने सऊदी अरब के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का की ओर एक ड्रोन भेजा था। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरीया ने…
यमन के हूती विद्रोही समूह ने सऊदी अरब के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का की ओर एक ड्रोन भेजा था। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरीया ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में इन आरोपों को 'झूठा' करार दिया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके समूह ने उस दिन सऊदी अरब के किसी भी क्षेत्र की ओर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया था।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने एक्स पर यह जानकारी साझा की कि हूती समूह की ओर से भेजे गए एक ड्रोन को मक्का क्षेत्र में सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया गया है। सऊदी अरब ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अपनी सुरक्षा प्रतिबद्धता दोहराई है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और पुराना संघर्ष
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले कुछ हफ्तों से सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच सीमा पार हमलों में वृद्धि देखी जा रही है। एक ओर सऊदी अरब ने यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों में हवाई हमले किए हैं, तो दूसरी ओर हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी क्षेत्र की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
गौरतलब है कि यमन दिसंबर 2014 से गृहयुद्ध की चपेट में है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना समेत उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके जवाब में, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने के लिए सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में सैन्य हस्तक्षेप किया था।
पहले भी लगे हैं ऐसे आरोप
यह पहली बार नहीं है जब हूतियों पर मक्का को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं। इससे पहले सितंबर में भी हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने ऐसे ही आरोपों को 'मनगढ़ंत और भ्रामक जानकारी' बताते हुए खारिज किया था। उन्होंने सऊदी अरब पर आरोप लगाया था कि वह यमन पर सैन्य कार्रवाई के लिए समर्थन जुटाने के मकसद से इस तरह का झूठ फैला रहा है।
उस समय भी सऊदी गठबंधन ने मक्का की दिशा में ड्रोन भेजने का दावा किया था, जिसे शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर देने की बात कही गई थी। गठबंधन के प्रवक्ता ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों की सुरक्षा को 'रेड लाइन' बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। गठबंधन के मुताबिक, 27 जुलाई 2017 को भी हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से मक्का को निशाना बनाने की कथित कोशिश की थी।
इनपुट: IANS



