यूक्रेन-रूस संघर्ष: रूसी कब्जे वाले ओलेश्की शहर से नागरिकों को निकालने का अभियान शुरू
यूक्रेन के खेरसोन क्षेत्र में अग्रिम मोर्चे पर स्थित और रूसी नियंत्रण वाले शहर ओलेश्की से नागरिकों को निकालने और मानवीय सहायता पहुँचाने का अभियान शुरू हो गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के…
यूक्रेन के खेरसोन क्षेत्र में अग्रिम मोर्चे पर स्थित और रूसी नियंत्रण वाले शहर ओलेश्की से नागरिकों को निकालने और मानवीय सहायता पहुँचाने का अभियान शुरू हो गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को यूक्रेन के एक प्रतिनिधिमंडल के शहर में सुरक्षित पहुँचने के साथ ही यह प्रक्रिया आरंभ हुई। फरवरी 2022 से रूसी कब्जे में रहे इस शहर में लगातार संघर्ष के कारण भोजन, दवा और अन्य जरूरी चीजों की भारी कमी हो गई है।
यूक्रेन की सत्तारूढ़ पार्टी 'सर्वेंट ऑफ द पीपल' के संसदीय गुट के प्रमुख डेविड अराखामिया ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शहर में मानवीय सहायता सामग्री का वितरण किया जा रहा है और युद्धविराम अभी भी प्रभावी है। इस निकासी अभियान के तहत पहले चरण में 527 लोगों को यूक्रेन-नियंत्रित क्षेत्र में लाने की योजना है। प्रधानमंत्री सेर्गी कोरेट्स्की के मुताबिक, ये लोग बेलारूस के रास्ते यूक्रेन पहुँचेंगे, जहाँ उनकी स्वास्थ्य जाँच के साथ-साथ आवास और अन्य जरूरी सहायता प्रदान की जाएगी।
समझौते के तहत मानवीय मिशन
यह अभियान रूस और यूक्रेन के बीच बनी एक सहमति का परिणाम है। दोनों देशों ने गुरुवार को अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल ओलेश्की के लिए रवाना किए थे। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने अभियान शुरू होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मॉस्को से एक विमान भेजा गया है और बारूदी सुरंगों को हटाने का काम भी इस प्रक्रिया का हिस्सा है।
रूसी मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रातोवा ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य फंसे हुए लोगों तक राहत पहुँचाना और जो निकलना चाहते हैं, उनके लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना है। वहीं, यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त दिमित्रो लुबिनेत्स ने बताया कि यह मानवीय मिशन याना लांत्रातोवा के साथ हुए समझौते और अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के समर्थन और समन्वय से संभव हुआ।
युद्धविराम की भूमिका
ड्नीपर नदी के किनारे, यूक्रेन-नियंत्रित खेरसोन शहर के ठीक सामने स्थित ओलेश्की में वर्तमान में लगभग 2,000 लोग रह रहे हैं। क्षेत्र में मानवीय संकट गहराने के बाद ही इस अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी। रूसी पक्ष के अनुसार, यह युद्धविराम 1 नवंबर को मॉस्को समयानुसार रात 10:59 बजे तक प्रभावी रहेगा, ताकि राहत और निकासी का काम सुरक्षित रूप से पूरा हो सके।
इनपुट: IANS



