चक्रवात अर्नब के बाद आंध्र प्रदेश में सामान्य जीवन की बहाली के प्रयास युद्धस्तर पर जारी
आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब से प्रभावित ज़िलों में जन-जीवन सामान्य करने के प्रयास तेज़ी से चल रहे हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ख़ुद इन कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों को…
आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब से प्रभावित ज़िलों में जन-जीवन सामान्य करने के प्रयास तेज़ी से चल रहे हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ख़ुद इन कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता से काम करने का निर्देश दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने पश्चिम गोदावरी ज़िले के दौरे पर जाने से पहले राहत और पुनर्स्थापना कार्यों की समीक्षा की।
प्रशासन ने उन्हें बताया कि बिजली, सड़क और संचार सेवाओं की बहाली में काफ़ी प्रगति हुई है। अन्य राज्यों के सहयोग से बिजली आपूर्ति को फिर से स्थापित करने का काम और तेज़ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों से भी लगातार संपर्क बनाए रखा है ताकि काम युद्धस्तर पर जारी रहे।
बिजली और संचार सेवाओं की बहाली
आंध्र प्रदेश ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APEPDCL) के तहत बिजली से वंचित 5,404 गाँवों में से 4,881 में आपूर्ति बहाल कर दी गई है। एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के 552 प्रभावित सब-स्टेशनों में से 513 को फिर से चालू कर दिया गया है, जो लगभग 93 प्रतिशत काम पूरा होने का संकेत है।
विभिन्न ज़िलों की स्थिति: विजयनगरम, विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा और एलुरु ज़िलों के सभी प्रभावित गाँवों में बिजली पूरी तरह बहाल हो गई है। हालांकि, सबसे ज़्यादा प्रभावित कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी ज़िलों में अभी भी 393 गाँवों में बिजली पहुँचना बाकी है। मोबाइल सेवाओं में भी सुधार हुआ है, जहाँ 1,045 प्रभावित टावरों में से 661 को चालू कर दिया गया है।
सड़क मार्ग और फसलों का नुकसान
तूफ़ान के कारण सड़कों पर गिरे 2,270 पेड़ों को हटा दिया गया है, जिनमें से अकेले कोनसीमा ज़िले में 1,334 पेड़ हटाए गए। सड़क एवं भवन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 137 स्थानों पर बाधित यातायात में से 119 जगहों पर आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। हालांकि, चक्रवात से कुल 2,425.45 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ है। जलभराव के कारण 16 ज़िलों में 3,52,254 हेक्टेयर में लगी कृषि फ़सलें और 23,211 हेक्टेयर में बागवानी फ़सलें प्रभावित हुई हैं। एक आधिकारिक नोट के अनुसार, 26 से 29 अक्टूबर के बीच हुई बारिश से राज्य को लगभग 380 टीएमसी पानी मिला, जिससे जलाशयों में जल स्तर बढ़ा है।
इनपुट: IANS



