शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

बांग्लादेश: खुलना विश्वविद्यालय ने तीन हिंदू प्रोफेसरों समेत सात कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

बांग्लादेश के खुलना इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (केयूईटी) ने एक अनुशासनात्मक कार्रवाई में अपने सात कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है, जिनमें तीन हिंदू प्रोफेसर और दो अन्य हिंदू…

बांग्लादेश: खुलना विश्वविद्यालय ने तीन हिंदू प्रोफेसरों समेत सात कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
(फोटो: IANS)

बांग्लादेश के खुलना इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (केयूईटी) ने एक अनुशासनात्मक कार्रवाई में अपने सात कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है, जिनमें तीन हिंदू प्रोफेसर और दो अन्य हिंदू कर्मचारी शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी पर अनुशासनहीनता और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।

विज्ञापन

केयूईटी के रजिस्ट्रार, इंजीनियर अनिसुर रहमान भुइयां ने बताया कि यह फैसला विश्वविद्यालय की 115वीं समिति की बैठक में लिया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब देश में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

कौन हैं बर्खास्त कर्मचारी?

बर्खास्त किए गए शिक्षकों में कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग (सीएसई) विभाग के प्रोफेसर पिंटू चंद्र शिल, औद्योगिक इंजीनियरिंग और प्रबंधन (आईईएम) विभाग के प्रोफेसर सुब्रता तलपत्रा, और ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग (ईएसई) विभाग के सहायक प्रोफेसर निबीर मंडल शामिल हैं। ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, अन्य दो हिंदू कर्मचारियों की पहचान उप रजिस्ट्रार निमाई चंद्र मिस्त्री और कार्यालय सहायक सत्यजीत कुमार दत्ता के रूप में हुई है।

अल्पसंख्यकों पर हालिया हमले

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विश्वविद्यालय की इस कार्रवाई से कुछ ही दिन पहले देश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की दो अलग-अलग घटनाएं हुईं। एक मामले में, मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में 43 वर्षीय सैलून मालिक रबेंद्र ऋषि की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, मंगलवार शाम को उधार पर बाल काटने से मना करने पर 26 वर्षीय सद्दाम नामक व्यक्ति ने उन पर हमला कर दिया। प्रोथोम आलो अखबार ने बताया कि आरोपी ने रबेंद्र के सीने और गर्दन पर वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। भालुका मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद जाहिदुल इस्लाम ने कहा कि आरोपी "पागलों जैसा व्यवहार कर रहा है" और उससे पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड मांगी गई है।

एक अन्य घटना में, सोमवार रात रंगपुर जिले के पीरगंज उपजिला में हिंदू परिवारों के तीन घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। पुलिस के हवाले से बताया गया कि यह हमला सोशल मीडिया पर एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट के बाद हुआ। पीड़ित परिवारों ने बताया कि हमलावरों ने उनके टीवी, फर्नीचर, दरवाजे तोड़ दिए और कीमती सामान के साथ-साथ बकरियां भी चुरा लीं।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

रंगपुर की घटना की निंदा करते हुए बांग्लादेश की अवामी लीग ने कहा कि अगस्त 2024 से अल्पसंख्यक समुदाय लगातार असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। पार्टी ने एक बयान में कहा, "धार्मिक अपमान के आरोप कभी भी भीड़ हिंसा, लूटपाट, धमकी या सामूहिक दंड का बहाना नहीं बनने चाहिए। हर आरोपी को उचित कानूनी प्रक्रिया का अधिकार है; हर पीड़ित को कानून के तहत समान सुरक्षा मिलनी चाहिए।"

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →