चेन्नई: मौसमी बीमारियों का प्रकोप, अस्पतालों में बेड के लिए 12 घंटे तक का इंतजार
चेन्नई के कई निजी अस्पतालों में इन दिनों मरीज़ों की भारी भीड़ उमड़ रही है। फ्लू, डेंगू और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ने से ओपीडी में लंबी कतारें हैं और वार्ड पूरी तरह भर चुके हैं। समाचार…
चेन्नई के कई निजी अस्पतालों में इन दिनों मरीज़ों की भारी भीड़ उमड़ रही है। फ्लू, डेंगू और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ने से ओपीडी में लंबी कतारें हैं और वार्ड पूरी तरह भर चुके हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्थिति इतनी गंभीर है कि कुछ अस्पतालों में आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीज़ों को बेड मिलने में 12 घंटे तक का इंतज़ार करना पड़ रहा है।
बुखार, बदन दर्द, लगातार खांसी और थकान जैसे लक्षणों के साथ मरीज़ अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ज़्यादातर संक्रमण हल्के हैं और मरीज़ दवा, आराम और पर्याप्त पानी पीने से ठीक हो रहे हैं। हालांकि, इन बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है, खासकर जिन्हें नेबुलाइज़र या ड्रिप (फ्लूइड) की ज़रूरत पड़ रही है।
लक्षण और प्रभावित मरीज़
रिपोर्ट के अनुसार, मरीज़ों में तेज़ बुखार, गले में खराश, ज़ुकाम, सीने में तकलीफ़ और भूख न लगना आम लक्षण हैं। बच्चों और किशोरों में लंबे समय तक बुखार और बहुत ज़्यादा थकान देखी जा रही है। कुछ मामलों में तेज़ बुखार से बच्चों में घबराहट या भ्रम की स्थिति भी बन रही है। बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यह संक्रमण ज़्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।
अस्पतालों की स्थिति और डॉक्टर की सलाह
चेन्नई के एक निजी अस्पताल में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. आर. राजम्मल ने IANS को बताया, “वार्ड में भर्ती होने वाले मरीज़ों की संख्या काफी बढ़ गई है... जब मरीज़ इमरजेंसी में आते हैं तो कमरे या बेड के लिए 12 घंटे तक इंतज़ार करना पड़ रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ़्ट होने वाले मरीज़ों को भी बेड के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों के मुताबिक, मौजूदा मामलों के लिए रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस (RSV), एडेनोवायरस, और राइनोवायरस मुख्य रूप से ज़िम्मेदार हैं। साथ ही, इन्फ्लुएंजा (H1N1 समेत) और डेंगू के भी काफी केस आ रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बुखार को नज़रअंदाज़ न करें, खुद से दवा लेने से बचें, हाथों को साफ़ रखें और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें।
इनपुट: IANS



