केरल: नाबालिगों को शराब परोसी तो रद्द होगा लाइसेंस, बार मालिकों को उम्र जांचने के सख्त निर्देश
केरल में अब बार मालिकों को ग्राहकों को शराब परोसने से पहले उनकी उम्र की पुष्टि करनी होगी। राज्य के आबकारी मंत्री एम. लिजू ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि 23 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को शराब…
केरल में अब बार मालिकों को ग्राहकों को शराब परोसने से पहले उनकी उम्र की पुष्टि करनी होगी। राज्य के आबकारी मंत्री एम. लिजू ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि 23 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को शराब परोसना एक गंभीर अपराध माना जाएगा और ऐसा करने वाले प्रतिष्ठानों का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने यह कदम हाल ही में हुई एक कार दुर्घटना के बाद उठाया है, जिसमें नाबालिगों को शराब परोसे जाने की बात सामने आई थी।
मंत्री एम. लिजू ने कहा, "शराब का सेवन करने का अधिकार केवल उन लोगों को है जिन्होंने कानूनी रूप से निर्धारित 23 वर्ष की आयु पूरी कर ली है।" उन्होंने बार संचालकों को निर्देश दिया है कि यदि किसी ग्राहक की उम्र को लेकर ज़रा भी संदेह हो, तो आधार कार्ड या किसी अन्य वैध पहचान पत्र से उसकी उम्र का सत्यापन किया जाना अनिवार्य है। उनका कहना था कि उम्र की जांच भी बिल बनाने जितनी ही सामान्य प्रक्रिया होनी चाहिए।
नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
सरकार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने हाल ही में नेदुम्बास्सेरी में हुई मिनी कूपर कार दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना उम्र संबंधी नियमों का पालन न करने के गंभीर परिणामों को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि जिस प्रतिष्ठान ने दुर्घटना में शामिल नाबालिगों को शराब परोसी थी, उसके खिलाफ आबकारी विभाग पहले ही कार्रवाई कर चुका है।
एम. लिजू ने चेतावनी देते हुए कहा, "जो ग्राहक इस सीमा से कम उम्र के प्रतीत होते हैं, उनकी उम्र की जांच करना पूरी तरह बार संचालकों की जिम्मेदारी है।" उन्होंने यह भी साफ किया कि आबकारी विभाग राज्य भर में औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) जारी रखेगा ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।
बढ़ता राजस्व और नई नीति
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब शराब की बिक्री केरल सरकार के लिए राजस्व का एक बड़ा स्रोत बनी हुई है। केरल राज्य बेवरेजेज कॉरपोरेशन (बेवको) के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में शराब और बीयर की बिक्री 21,130.78 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष (2024-25) के 19,732.82 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। इसी अवधि में, राज्य सरकार को करों से होने वाली आय भी 17,221.15 करोड़ रुपये से बढ़कर 18,675.71 करोड़ रुपये हो गई। मंत्री ने यह भी बताया कि यूडीएफ सरकार की नई आबकारी नीति नवंबर से लागू की जाएगी।
इनपुट: IANS



