झारखंड: ब्रेन मलेरिया का बढ़ता ख़तरा, 5 दिनों में 4 बच्चों की मौत से कोल्हान में चिंता
झारखंड का कोल्हान प्रमंडल इन दिनों ब्रेन मलेरिया के गंभीर प्रकोप से जूझ रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महज पांच दिनों में इस खतरनाक बीमारी ने चार बच्चों की जान ले ली है…
झारखंड का कोल्हान प्रमंडल इन दिनों ब्रेन मलेरिया के गंभीर प्रकोप से जूझ रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महज पांच दिनों में इस खतरनाक बीमारी ने चार बच्चों की जान ले ली है, जिससे स्वास्थ्य महकमे और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। ये मौतें पूर्वी सिंहभूम और आसपास के इलाकों में दर्ज की गई हैं।
इनमें से तीन बच्चों ने जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। सबसे ताज़ा मामला मंगलवार का है, जब सरायकेला-खरसावां जिले के गोपालपुर गांव के छह वर्षीय राहुल जामूदा की एमजीएम अस्पताल में मृत्यु हो गई। राहुल पिछले सात दिनों से अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में भर्ती था और हालत गंभीर होने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था।
लगातार हो रही बच्चों की मौतें
एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. केके चौधरी ने बताया कि राहुल ब्रेन मलेरिया से पीड़ित था। उन्होंने कहा, "21 अक्टूबर से उसे वेंटिलेटर पर रखकर इलाज किया जा रहा था। चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।" परिवार वालों के अनुसार, उसे तेज बुखार, सिरदर्द और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था।
राहुल से पहले भी तीन और बच्चे इसी बीमारी का शिकार बन चुके हैं। बोड़ाम प्रखंड के मोहनपुर की छह वर्षीय शकुंतला सबर की भी एमजीएम अस्पताल में मौत हुई थी। जांच में उसे सेरेब्रल मलेरिया के साथ जापानी इंसेफेलाइटिस होने की भी पुष्टि हुई थी। इसी तरह, ईचागढ़ की आठ वर्षीय बुधनी मुंडा की मौत ब्रेन मलेरिया और गंभीर एनीमिया के कारण हुई। चिंता की बात यह है कि उसके दो भाई-बहन भी मलेरिया से संक्रमित पाए गए थे। वहीं, नीमडीह निवासी एक वर्षीय आरती सबर ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
स्वास्थ्य विभाग ने तेज की जांच
पूर्वी सिंहभूम के कई ग्रामीण इलाके, जैसे पोटका, मुसाबनी, पटमदा, डुमरिया, घाटशिला और चाकुलिया, संक्रमण से अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। पिछले हफ्ते एक ही दिन में चलाए गए विशेष अभियान में 11,517 लोगों की जांच की गई, जिनमें से 71 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए।
इनमें से 55 मरीज प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम और 15 प्लाज्मोडियम विवैक्स से संक्रमित थे। सबसे ज़्यादा 31 मरीज अकेले पोटका प्रखंड में मिले। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने और स्वास्थ्य केंद्रों पर ज़रूरी दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी या कंपकंपी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत मलेरिया की जांच कराएं और इलाज में कोई देरी न करें।
इनपुट: IANS



