तमिलनाडु: अब बेवजह नहीं रोके जाएंगे मालवाहक ट्रक, सरकार ने जांच के नियम बदले
तमिलनाडु में माल ढोने वाले ट्रक ड्राइवरों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने वाणिज्यिक कर अधिकारियों द्वारा वाहनों की मनमानी जांच पर रोक लगा दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट…
तमिलनाडु में माल ढोने वाले ट्रक ड्राइवरों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने वाणिज्यिक कर अधिकारियों द्वारा वाहनों की मनमानी जांच पर रोक लगा दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब अधिकारी बिना किसी ठोस सूचना या पुख्ता कारण के मालवाहक वाहनों को रोककर परेशान नहीं कर सकेंगे।
वाणिज्यिक कर आयुक्त ने इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया है, जो पूरे तमिलनाडु में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सड़क किनारे होने वाली जांच को कम करना और माल ढुलाई के काम में लगे लोगों को अनावश्यक परेशानियों से बचाना है। अक्सर सही कागजात होने के बावजूद ड्राइवरों को यात्रा के दौरान कई जगहों पर रोका जाता था, जिससे उन्हें काफी तनाव का सामना करना पड़ता था।
जांच के लिए अब "फ्लाइंग स्क्वॉड"
नई व्यवस्था के तहत, विभाग की वाहन जांच प्रणाली में एक बड़ा बदलाव किया गया है। मौजूदा "रोविंग स्क्वॉड" को खत्म कर दिया गया है। इनकी जगह अब "फ्लाइंग स्क्वॉड" काम करेंगे। ये टीमें सड़कों पर लगातार गश्त करने के बजाय, कमर्शियल टैक्स जॉइंट कमिश्नर के कार्यालय में तैनात रहेंगी और केवल विश्वसनीय सूचना मिलने पर ही कार्रवाई करेंगी।
इन प्रवर्तन टीमों को किसी वाहन को रोकने की अनुमति तभी मिलेगी, जब विभाग को यह ठोस जानकारी मिलेगी कि उस वाहन के जरिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसका मकसद जांच को अधिक सटीक और लक्षित बनाना है, ताकि बेवजह की रुकावटें खत्म हों।
व्यापार की स्वतंत्रता का सम्मान
सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि बिना ठोस कारण के वाहनों को रोकना संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) का उल्लंघन है। यह अनुच्छेद हर नागरिक को अपनी पसंद का कोई भी पेशा, व्यापार या व्यवसाय करने की स्वतंत्रता देता है। इस नए निर्देश से व्यापारियों, लॉरी मालिकों और ड्राइवरों ने राहत की सांस ली है। यह कदम एक बेहतर और सटीक प्रवर्तन प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
इनपुट: IANS



