गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
स्वास्थ्य

बच्चों में खसरा: WHO ने चेताया — यह सामान्य बुखार नहीं, जानलेवा हो सकता है

खसरा, जिसे अक्सर बच्चों की एक सामान्य बीमारी समझ लिया जाता है, दरअसल एक बेहद संक्रामक और जानलेवा वायरस है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है, क्योंकि यह बीमारी खासकर पांच साल…

बच्चों में खसरा: WHO ने चेताया — यह सामान्य बुखार नहीं, जानलेवा हो सकता है
(फोटो: IANS)

खसरा, जिसे अक्सर बच्चों की एक सामान्य बीमारी समझ लिया जाता है, दरअसल एक बेहद संक्रामक और जानलेवा वायरस है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है, क्योंकि यह बीमारी खासकर पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में दुनियाभर में खसरे से अनुमानित 95,000 मौतें हुईं, जिनमें से अधिकांश वे बच्चे थे जिनका टीकाकरण अधूरा था या हुआ ही नहीं था।

विज्ञापन

यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने से हवा में फैले वायरस के जरिए दूसरों तक पहुंचती है। वायरस के संपर्क में आने के 7 से 14 दिनों के बाद इसके लक्षण उभरना शुरू होते हैं, जो शुरुआत में सर्दी-जुकाम जैसे लग सकते हैं।

खसरे के लक्षणों को कैसे पहचानें?

WHO के मुताबिक, खसरे के कुछ खास लक्षण होते हैं जिन्हें माता-पिता को गंभीरता से लेना चाहिए। इनमें तेज बुखार, लगातार खांसी, नाक बहना और आंखों का लाल होकर पानी आना शामिल है। इन शुरुआती लक्षणों के 3 से 5 दिन बाद शरीर पर दाने दिखने लगते हैं। ये लाल चकत्ते सबसे पहले चेहरे और गर्दन पर उभरते हैं और फिर धीरे-धीरे छाती, हाथ, पैर और शरीर के बाकी हिस्सों में फैल जाते हैं। गालों के अंदर छोटे-छोटे सफेद धब्बे दिखना भी इसका एक प्रमुख संकेत है।

गंभीर जटिलताओं का खतरा

खसरा सिर्फ बुखार और दानों तक सीमित नहीं रहता। गंभीर मामलों में यह निमोनिया, कान में संक्रमण, तेज दस्त और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) का कारण बन सकता है। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ मामलों में दिमाग में सूजन और आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा रहता है। कुपोषित, विटामिन ए की कमी वाले और कमजोर इम्युनिटी वाले बच्चों में ये जटिलताएं होने का जोखिम और भी बढ़ जाता है। गर्भावस्था के दौरान संक्रमण मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।

बचाव और इलाज

खसरे से बचाव का सबसे प्रभावी और सुरक्षित तरीका टीकाकरण है। बच्चों को इसकी दो खुराकें दिलवाना बेहद जरूरी है, क्योंकि पहली खुराक से सभी बच्चों में पर्याप्त सुरक्षा विकसित नहीं हो पाती। खसरे का कोई विशेष एंटीवायरल इलाज उपलब्ध नहीं है। इसका उपचार लक्षणों को नियंत्रित करने और गंभीर जटिलताओं को रोकने पर केंद्रित होता है। यदि बच्चे को सांस लेने में दिक्कत, बहुत ज्यादा सुस्ती या पानी की कमी जैसे गंभीर लक्षण दिखें, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

इनपुट: IANS

N

News4Social हेल्थ डेस्क

News4Social हेल्थ डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से स्वास्थ्य से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →