वित्तीय धोखाधड़ी की आरोपी विशाखा राठौड़ को UAE से भारत लाया गया, CBI ने की पुष्टि
वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित आरोपी विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को जारी एक बयान में…
वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित आरोपी विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, विशाखा 3 अगस्त को पुणे पहुंची, जहां महाराष्ट्र पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।
सीबीआई ने बताया कि इस प्रत्यर्पण को सफल बनाने के लिए विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से मदद ली गई थी। इंटरपोल के माध्यम से आरोपी के खिलाफ पहले 'रेड नोटिस' भी जारी किया गया था।
क्या हैं आरोप?
विशाखा राठौड़ पर एक बड़े वित्तीय घोटाले में शामिल होने का आरोप है। सीबीआई के अनुसार, उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। इसके तहत निवेशकों को विभिन्न योजनाओं में पैसा लगाने के लिए उकसाया गया और उन्हें हर महीने निश्चित रिटर्न देने का झूठा आश्वासन दिया गया। इस तरह धोखाधड़ी से निवेशकों की रकम हड़प ली गई और फिर उसे कई बैंक और डीमैट खातों के जरिए इधर-उधर कर दिया गया।
भगोड़ों के प्रत्यर्पण पर सरकार का जोर
यह कार्रवाई सरकार द्वारा भगोड़े अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया था कि 2019 से जुलाई 2024 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों को सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित किया गया है। गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भगोड़ों के प्रत्यर्पण को 'राष्ट्रीय प्राथमिकता' बनाया गया है। मंत्रालय ने इसे देश की संप्रभुता, आर्थिक स्थिरता, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया है।
इनपुट: IANS



