असम में बाढ़ से तबाही: मुख्यमंत्री सरमा ने प्रभावितों को दिया पुनर्वास का आश्वासन
असम में बाढ़ से कई जिले जूझ रहे हैं, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, गांव तबाह हो गए हैं और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इस संकट के बीच, राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने…
असम में बाढ़ से कई जिले जूझ रहे हैं, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, गांव तबाह हो गए हैं और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इस संकट के बीच, राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों को सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों के पुनर्वास, घरों के पुनर्निर्माण और आजीविका के साधन बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। वहीं, यह भी मूल्यांकन करने का प्रयास किया कि इस बाढ़ की चपेट में आने से लोगों को कितना नुकसान हुआ है। इस बाढ़ से निपटने के लिए पूरी रूपरेखा भी तैयार की जा चुकी है।"
राहत और पुनर्वास कार्य
राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री सरमा ने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी जिंदगी दोबारा पटरी पर लाने में पूरी मदद करेगी। उन्होंने कहा, "कल मैंने पूरा दिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिताया, ताकि इस बात का पता लगा सकूं कि उन्हें इसकी चपेट में आने से कितना नुकसान हुआ है।"
नुकसान का आकलन करने के लिए अधिकारी काम कर रहे हैं, ताकि प्रभावितों के लिए पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जा सके। साथ ही, सरकार ने तत्काल राहत पहुंचाने पर भी ध्यान केंद्रित करने का संकेत दिया है, जिससे लोगों का जीवन सामान्य हो सके।
बुनियादी ढांचे की बहाली पर जोर
बाढ़ के कारण टूटे तटबंधों, सड़कों, पुलों और बिजली व पेयजल आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के लिए विभिन्न विभागों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जिला प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है।
हालांकि कुछ इलाकों में पानी का स्तर कम हुआ है, लेकिन कई गांव अभी भी बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं, जिससे उनके संसाधनों और कृषि को भारी क्षति पहुंची है। सरकार का लक्ष्य इन चुनौतियों से निपटते हुए प्रभावितों की जल्द से जल्द सहायता करना है।
इनपुट: IANS



