शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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पूर्वोत्तर में बच्चों की तस्करी और ऑनलाइन शोषण पर सीएम पेमा खांडू का साझा रणनीति बनाने का आह्वान

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पूर्वोत्तर राज्यों से बच्चों के सामने आने वाले खतरों से निपटने के लिए एक मजबूत और समन्वित क्षेत्रीय रणनीति बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की…

पूर्वोत्तर में बच्चों की तस्करी और ऑनलाइन शोषण पर सीएम पेमा खांडू का साझा रणनीति बनाने का आह्वान
(फोटो: IANS)

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पूर्वोत्तर राज्यों से बच्चों के सामने आने वाले खतरों से निपटने के लिए एक मजबूत और समन्वित क्षेत्रीय रणनीति बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की तस्करी, ऑनलाइन शोषण, नशे की लत और बाल विवाह जैसी गंभीर समस्याओं का समाधान मिलकर ही किया जा सकता है।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री शुक्रवार को तवांग में 'नॉर्थ ईस्ट स्टेट कमीशन्स फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स कन्वेंशन 2026' के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के अधिकारों और कल्याण की रक्षा के लिए क्षेत्र के सभी राज्यों द्वारा सामूहिक और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।

साझा जिम्मेदारी और अंतर-राज्य समन्वय

मुख्यमंत्री खांडू ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें सरकारों के साथ-साथ स्कूल, परिवार, पुलिस, न्यायपालिका, स्वास्थ्य कर्मी, सामुदायिक नेता और सामाजिक संस्थाओं को भी मिलकर काम करना होगा। उन्होंने पूर्वोत्तर की भौगोलिक और सामाजिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि तस्करी और नशे जैसी समस्याएं अक्सर राज्यों की सीमाओं को पार कर जाती हैं, इसलिए अंतर-राज्य समन्वय महत्वपूर्ण हो जाता है।

उन्होंने इस सम्मेलन को एक ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब पूर्वोत्तर के सभी राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मंच पर एकत्र हुए हैं। खांडू ने कहा, "किसी भी सरकार की सफलता सिर्फ आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि वह अपने सबसे कमजोर नागरिकों की कितनी रक्षा करती है।"

अरुणाचल प्रदेश में बाल कल्याण की पहल

मुख्यमंत्री ने अपने राज्य में बाल कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'दुलारी कन्या योजना' के तहत 15,500 से अधिक लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता दी गई है, जिस पर सरकार ने 38 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। इसके अलावा, मिशन वात्सल्य के तहत 2,500 से अधिक कमजोर बच्चों को हर महीने 4,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने संकट में फंसे बच्चों और महिलाओं के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और वुमेन हेल्पलाइन 181 को महत्वपूर्ण बताया।

पेमा खांडू ने उम्मीद जताई कि यह सम्मेलन बाल संरक्षण कानूनों के बेहतर क्रियान्वयन और ऑनलाइन खतरों पर प्रभावी प्रतिक्रिया देने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा, "इस सम्मेलन की सफलता भाषणों से नहीं, बल्कि क्षेत्र के बच्चों के जीवन में आए ठोस बदलावों से मापी जाएगी।"

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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