हंगरी: पूर्व मुख्य न्यायाधीश एंड्रास बाका बने नए राष्ट्रपति, सत्तारूढ़ तिस्जा पार्टी ने किया था नामित
हंगरी की संसद ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रमुख एंड्रास बाका को देश का नया राष्ट्रपति चुन लिया है। 73 वर्षीय बाका इस चुनाव में एकमात्र उम्मीदवार थे, जिन्हें मंगलवार को हुए गुप्त मतदान में 140 वोट मिले…
हंगरी की संसद ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रमुख एंड्रास बाका को देश का नया राष्ट्रपति चुन लिया है। 73 वर्षीय बाका इस चुनाव में एकमात्र उम्मीदवार थे, जिन्हें मंगलवार को हुए गुप्त मतदान में 140 वोट मिले। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें शनिवार को सत्तारूढ़ तिस्जा पार्टी ने इस पद के लिए नामित किया था।
तिस्जा पार्टी के पास संसद में दो-तिहाई बहुमत है, जो उसे विपक्ष के समर्थन के बिना भी राष्ट्रपति चुनने की शक्ति देता है। पार्टी ने एक बयान में बताया कि उसके संसदीय गुट ने तीन उम्मीदवारों की सूची में से गुप्त मतदान के ज़रिए बाका का चयन किया था। हंगरी के कानून के मुताबिक, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को मतदान के लिए कम से कम 40 सांसदों (सदन का पांचवां हिस्सा) का समर्थन हासिल करना अनिवार्य है।
कानूनी विशेषज्ञता और कार्यकाल
एंड्रास बाका का कानूनी करियर काफी लंबा और प्रतिष्ठित रहा है। वह 1991 से 2008 तक यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय में न्यायाधीश के पद पर रहे। इसके बाद, 2009 में हंगरी की संसद ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट का अध्यक्ष चुना था। हालांकि, 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान की फिडेज सरकार द्वारा लाए गए न्यायिक सुधारों के कारण उनका कार्यकाल समय से पहले समाप्त कर दिया गया था। इसके बावजूद, बाका ने हंगरी के शीर्ष न्यायालय में एक न्यायाधीश के रूप में काम करना जारी रखा। तिस्जा पार्टी ने कहा है कि बाका हमेशा कानून के शासन, न्यायिक स्वतंत्रता और शक्तियों के बंटवारे के प्रबल समर्थक रहे हैं।
राजनीतिक घटनाक्रम
प्रधानमंत्री पीटर मग्यार ने भी बुधवार को एक फेसबुक पोस्ट में बाका से मुलाकात की पुष्टि की। उन्होंने बाका को यूरोपीय कानून और संवैधानिक मामलों पर हंगरी के सबसे सम्मानित विशेषज्ञों में से एक बताया। पूर्व राष्ट्रपति तामस सुल्योक का कार्यकाल 20 जुलाई को समाप्त हो गया था, जिसके बाद संसद की स्पीकर एग्नेस फॉर्स्टहोफर कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में काम कर रही थीं। देश के कानून के अनुसार, संसद को 30 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव करना होता है।
इनपुट: IANS



