अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला CEO, वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे पदभार
अयोध्या में श्री राम मंदिर के प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन को और व्यवस्थित बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की है। यह…
अयोध्या में श्री राम मंदिर के प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन को और व्यवस्थित बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की है। यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को सौंपी गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, वह मंगलवार को औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण करेंगे।
ट्रस्ट की एक उच्चस्तरीय बैठक में इस महीने की शुरुआत में उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी गई। यह फैसला चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया, जिसने 5,000 से अधिक संभावित उम्मीदवारों के बीच से इस शीर्ष पद के लिए श्री मिश्रा का चयन किया था।
कौन हैं जितेंद्र मिश्रा?
एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं और उनका सैन्य जीवन 39 वर्षों से अधिक का रहा है। उन्हें 6 दिसंबर, 1986 को भारतीय वायु सेना में कमीशन मिला था। उन्होंने पाकिस्तान प्रायोजित पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान कमांडर के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। ट्रस्ट ने उनके व्यापक नेतृत्व अनुभव और विशिष्ट सेवाकाल की सराहना की है।
CEO की प्रमुख जिम्मेदारियाँ
नए CEO के रूप में, एयर मार्शल मिश्रा पर मंदिर के प्रशासन को मजबूत करने की अहम जिम्मेदारी होगी। उनके मुख्य कार्यों में मंदिर का प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों का प्रशासन, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विकास और विभिन्न विभागों व एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना शामिल होगा।
नियुक्ति पर जताया आभार
अपनी नियुक्ति पर आभार व्यक्त करते हुए पूर्व एयर मार्शल ने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने कहा, "मेरा हृदय कृतज्ञता से भरा हुआ है। मैं आज स्वयं को सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानता हूं कि मुझे अपने जीवन में दो बार यह जिम्मेदारी दी गई है, एक बार राष्ट्र की सेवा करने के लिए और अब भगवान राम, मंदिर और उसके भक्तों की संगठन और प्रशासन के माध्यम से सेवा करने के लिए।"
इनपुट: IANS



