सहारनपुर में मस्जिद विध्वंस पर बोले मौलाना यासूब अब्बास, 'सरकारें धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें'
शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने सहारनपुर में एक पुरानी मस्जिद पर बुलडोजर चलाए जाने की कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों से सरकार की…
शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने सहारनपुर में एक पुरानी मस्जिद पर बुलडोजर चलाए जाने की कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों से सरकार की छवि खराब होती है और सरकारों को सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी।
मौलाना अब्बास ने कहा कि यह 18वीं सदी की एक मस्जिद थी, जिसे डीएम के आदेश के बाद ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले पर स्टे भी चल रहा था, जिसे सहारनपुर के डीएम ने खारिज कर दिया और उसके बाद यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा, "मस्जिद वहां लंबे समय से थी, लेकिन आज तक उससे किसी को कोई शिकायत नहीं थी।"
कानूनी कार्रवाई और पूजा स्थल कानून का जिक्र
इस मामले को अदालत में ले जाने की बात कहते हुए मौलाना अब्बास ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो उसी स्थान पर मस्जिद के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने पूजा स्थल अधिनियम (Places of Worship Act) का हवाला देते हुए कहा कि बाबरी विध्वंस के बाद यह तय हुआ था कि किसी भी मस्जिद को नहीं गिराया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद देश भर में मस्जिदों को ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने इसे एक विशेष धर्म को निशाना बनाने वाला कृत्य बताया और कहा कि संविधान सभी को अपने धार्मिक स्थल बनाने का अधिकार देता है।
अनिरुद्धाचार्य के बयान पर प्रतिक्रिया
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भी मौलाना अब्बास ने अपनी बात रखी। अनिरुद्धाचार्य ने कहा था कि हिंदू कभी मुस्लिम विरोधी नहीं रहे, लेकिन मुस्लिम हिंदू विरोधी रहे हैं। इस पर मौलाना अब्बास ने कहा, "यह पूरी तरह से गलत बयान है। मैं इसे बिल्कुल भी सही नहीं मानता हूं।" उन्होंने आगे कहा कि हिंदुस्तान में हिंदू और मुस्लिम दोनों भाई-भाई की तरह हैं और देश की दो आंखों के समान हैं। उनके मुताबिक, न तो हिंदू मुस्लिम का विरोधी है और न ही मुस्लिम हिंदू का।
इनपुट: IANS



