BSNL बल्क SMS घोटाला: ईडी ने पूर्व SDE और अन्य की 1.50 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त की
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को करोड़ों का चूना लगाने वाले एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-1…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को करोड़ों का चूना लगाने वाले एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-1 ने बीएसएनएल के तत्कालीन सब-डिविजनल इंजीनियर (SDE) स्वर्णजीत सिंह और अन्य के खिलाफ जांच करते हुए 1.50 करोड़ रुपये मूल्य की सात अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं।
यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। कुर्क की गई संपत्तियों में पंजाब के एसएएस नगर (मोहाली) में स्थित कृषि भूमि और गुजरात के वडोदरा में स्थित आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
ईडी की जांच में सामने आया है कि बीएसएनएल चंडीगढ़ में SDE (SMSC) के पद पर तैनात स्वर्णजीत सिंह ने कथित तौर पर सौरभ त्यागी, मार्कोनी जेम्स मैकवान और प्रीति गोहेल के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी। इस साजिश के तहत, उन्होंने बीएसएनएल के SMSC इंफ्रास्ट्रक्चर तक अनधिकृत पहुंच प्रदान की।
इस अवैध पहुंच का इस्तेमाल अनिवार्य डीएलटी/जनला प्लेटफॉर्म और तय बिलिंग प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए बड़ी संख्या में बल्क एसएमएस (Bulk SMS) भेजने के लिए किया गया। जांच से पता चला कि इस तरीके से लगभग 63.37 करोड़ बल्क पुश एसएमएस संदेश अवैध रूप से भेजे गए।
BSNL को भारी राजस्व का नुकसान
इस घोटाले के कारण बीएसएनएल को अनुमानित रूप से 5.42 करोड़ रुपये के राजस्व का भारी नुकसान हुआ। इसमें लगभग 4.05 करोड़ रुपये इंटरकनेक्शन उपयोग शुल्क (Interconnection Usage Charge) के रूप में शामिल हैं। वहीं, स्मार्ट टेक्नोलॉजी/डोरस्टेप्स सॉल्यूशंस और उनके भागीदारों ने बाज़ार से कम दरों पर इन अवैध बल्क एसएमएस सेवाओं का लाभ उठाकर वित्तीय फायदा कमाया।
ईडी का अनुमान है कि इस अपराध से अब तक लगभग 6.47 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई। इस ताजा कुर्की के साथ, मामले में अब तक ज़ब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर लगभग 2.30 करोड़ रुपये हो गया है। इससे पहले, इसी साल 27 मार्च को ईडी ने 80 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
इनपुट: IANS



