त्रिपुरा: नशामुक्ति केंद्र में मरीज़ की मौत, संचालक समेत 8 लोग गिरफ़्तार
त्रिपुरा के एक निजी नशामुक्ति केंद्र में इलाज के लिए भर्ती एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक के शरीर पर मारपीट के निशान पाए जाने के बाद पुलिस ने केंद्र के मालिक सहित आठ लोगों को…
त्रिपुरा के एक निजी नशामुक्ति केंद्र में इलाज के लिए भर्ती एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक के शरीर पर मारपीट के निशान पाए जाने के बाद पुलिस ने केंद्र के मालिक सहित आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, मृतक की पत्नी ने केंद्र पर पति से मारपीट करने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने बताया कि यह मामला अगरतला स्थित 'स्वप्ना फाउंडेशन नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र' का है। मृतक तुहिनसुभ्रा भट्टाचार्य को 9 अगस्त को इस केंद्र में भर्ती कराया गया था। कुछ ही दिनों बाद, 16 अगस्त को उनकी पत्नी शाहना दास भट्टाचार्य ने एनसीसी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि केंद्र में उनके पति पर हमला किया गया था। कथित हमले के बाद जब तुहिनसुभ्रा को अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज और गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जांच में मारपीट के सबूत, पैसे मांगने का भी आरोप
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर मारपीट के निशान मिले हैं। शाहना ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि परिवार ने तुहिनसुभ्रा के इलाज, दवाओं और डॉक्टर की सलाह के लिए केंद्र को कई बार भुगतान किया, लेकिन इसके बावजूद केंद्र द्वारा और पैसों की मांग की जा रही थी।
इन सबूतों और शिकायत के आधार पर पुलिस ने केंद्र के मालिक शुभम बिस्वास और कई कर्मचारियों समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटा लिए गए हैं और उन्हें आगे की जांच के लिए अदालत में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी।
सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति
इस बीच, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य में नशीली दवाओं के खतरे के प्रति सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति को दोहराया है। उन्होंने कहा है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नशीली दवाओं से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार त्रिपुरा के सभी आठ जिलों में सरकारी नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है, जिसके लिए प्रत्येक केंद्र को 20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इनपुट: IANS



