झीरम घाटी हमला: 10 माओवादी दोषी करार, कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर 2013 में हुआ था हमला
छत्तीसगढ़ के बस्तर में 2013 में हुए झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में एक अहम फैसला आया है। जगदलपुर की विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) से जुड़े 10…
छत्तीसगढ़ के बस्तर में 2013 में हुए झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में एक अहम फैसला आया है। जगदलपुर की विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) से जुड़े 10 आरोपियों को दोषी ठहराया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को सुनाए गए इस फैसले में अदालत ने इन सभी को भारतीय दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी माना है।
यह मामला 25 मई, 2013 को कांग्रेस की 'परिवर्तन यात्रा' पर हुए भीषण हमले से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। उस दिन बस्तर जिले के दरभा इलाके में स्थित झीरम घाटी में राष्ट्रीय राजमार्ग-221 पर यात्रा के काफिले को निशाना बनाया गया था। NIA के अनुसार, माओवादियों ने पहले आईईडी विस्फोट किया और फिर ग्रेनेड दागते हुए अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी थी।
हमले का भयावह मंजर
इस सुनियोजित हमले में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और सुरक्षा बलों समेत 24 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 35 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान तीन और घायलों ने दम तोड़ दिया था। जांच एजेंसी ने बताया कि हमलावरों ने मृतकों और घायलों के हथियार, गोला-बारूद, वॉकी-टॉकी और मोबाइल फोन जैसे सामान भी लूट लिए थे।
लंबी चली जांच और सुनवाई
NIA ने इस मामले में 25 सितंबर, 2014 को पहला और 28 सितंबर, 2015 को पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें कुल 39 लोगों को आरोपी बनाया गया था। जांच के दौरान 101 अभियोजन गवाहों के बयान दर्ज किए गए। शुरुआती चरण में 10 आरोपियों पर मुकदमा चलाया गया, जिन्हें अब अदालत ने दोषी करार दिया है। NIA की जांच में यह बात सामने आई कि यह हमला सीपीआई (माओवादी) के 'टेक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन' के तहत एक सोची-समझी साजिश थी, जिसका मकसद कांग्रेस नेताओं और सुरक्षाकर्मियों की हत्या करना था। अदालत दोषियों की सज़ा पर अलग से आदेश जारी करेगी।
इनपुट: IANS



