मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर अयोध्या के संतों की तीखी प्रतिक्रिया, कहा - 'यह रघुवर का देश है'
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक टिप्पणी को लेकर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर अयोध्या के प्रमुख संतों ने कड़ी आपत्ति जताई है। समाचार एजेंसी IANS से…
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक टिप्पणी को लेकर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर अयोध्या के प्रमुख संतों ने कड़ी आपत्ति जताई है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य समेत कई अन्य महंतों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
यह पूरा विवाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कोलकाता में दिए गए एक बयान से शुरू हुआ था। परमहंस आचार्य के अनुसार, शास्त्री ने कहा था, "यह देश अकबर का नहीं, रघुवर का है... यह देश न तो कुरान का है और न तो बाइबिल का है। मानवता की वजह से कुरान और बाइबिल का देश में सम्मान है लेकिन अगर कोई ये चाहे कि भारतीय संस्कृति को मिटाकर ईसाई धर्म या इस्लाम का परचम लहराएगा तो यह नामुमकिन है।"
संतों ने क्या कहा?
जगतगुरु परमहंस आचार्य ने मौलाना रशीदी के बयान का हवाला देते हुए कहा, "मौलाना साजिद रशीदी की ओर से कहा गया कि आज उनकी सत्ता है तो रघुबर के हिसाब से निर्माण करें और जब उनकी सत्ता आएगी तो वे अपने ढंग से बनाएंगे। जैसे तेजोमहलय को ताजमहल कर दिया गया, राम मंदिर को बाबरी कर दिया था।" परमहंस आचार्य ने इसे सनातनियों के लिए एक चेतावनी और सजग होने का समय बताया। उन्होंने कहा, "हम उदार हैं, हम सबके हितैषी हैं लेकिन कोई मेरे वजूद को चुनौती देगा तो बर्दाश्त नहीं है।"
साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा, "धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से जो भी कहा गया है, वह बिल्कुल 100 प्रतिशत सही कहा गया है। यह रघुवर का देश है और यह बाबर जैसे नासूरों का देश नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि मौलाना रशीदी की "मनोकामना 21 पीढ़ी बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं होने वाली है" क्योंकि संपूर्ण हिंदू जनमानस अब संगठित हो चुका है।
राम कचहरी चार धाम मंदिर के महंत शशिकांत दास ने भी शास्त्री के कथन को सत्य बताते हुए कहा, "बागेश्वर धाम सरकार की ओर से बहुत ही सुंदर बात कही गई है। यह सनातन और सनातनियों का देश है। हर युग में भगवान की प्रभुता रही है। देश पर मुगलों ने शासन किया लेकिन वे कुछ भी बिगाड़ नहीं पाए। हमारा देश अपने सनातन गौरव के साथ खड़ा है।"
इनपुट: IANS



