सड़क सुरक्षा पर केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी का कड़ा रुख, बोले - लापरवाही बर्दाश्त नहीं, तय होगी ज़िम्मेदारी
केंद्रीय राज्यमंत्री और अभिनेता सुरेश गोपी ने सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर सख्त रवैया अपनाया है। हाल में हुई दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है और हर किसी को…
केंद्रीय राज्यमंत्री और अभिनेता सुरेश गोपी ने सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर सख्त रवैया अपनाया है। हाल में हुई दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है और हर किसी को अपनी ज़िम्मेदारी समझनी होगी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने त्रिशूर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
गोपी ने बताया कि इस गंभीर विषय पर उनकी कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला से भी फोन पर करीब आधे घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई है। उनके अनुसार, चेन्निथला ने स्थिति की गंभीरता को समझा है और अब उस क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। मंत्री ने कहा कि हादसों में युवाओं की जान जाने के नुकसान की भरपाई किसी भी धनराशि से नहीं हो सकती, क्योंकि कई परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है।
लापरवाही और व्यवस्था की खामियां
केंद्रीय मंत्री ने नेशनल हाईवे पर किए गए कार्यों में खामियों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि हाईवे पर सेंटर मीडियन का काम पूरा कर उस पर पीली और काली धारियां बना दी गईं और उसका उद्घाटन भी हो गया, लेकिन इसे औपचारिक रूप से यातायात के लिए खोलने की कोई घोषणा नहीं हुई। इसके बावजूद ट्रैफिक के लिए डायवर्जन की व्यवस्था कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि डायवर्जन से जुड़े संकेतक बोर्ड सही तरीके से नहीं लगाए गए, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
सुरेश गोपी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जब शुरुआती दो घटनाओं के बाद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ, तो पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “जनप्रतिनिधियों के रूप में जनता का भरोसा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।”
जुर्माने और पुलिस की भूमिका
सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कड़े कदम उठाने की बात करते हुए गोपी ने कहा कि किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी और 25 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऑपरेशन और नेविगेशन की ज़िम्मेदारी राज्य पुलिस और मोटर वाहन विभाग की है। उन्होंने यह भी बताया कि कलेक्टर के बार-बार ध्यान दिलाने पर कई जगहों पर लाइटें लगाई गई हैं, जहां पहले रोशनी की कमी थी।
मंत्री ने चेतावनी दी कि जो अधिकारी समय पर कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, उनकी लापरवाही की जानकारी एकत्र कर मंत्री के संज्ञान में लाई जाएगी ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
इनपुट: IANS



