मंगलवार, 8 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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अनशन के 11वें दिन बिगड़ी मनोज जरांगे की तबीयत, शुगर लेवल गिरने पर आधी रात को चढ़ाई गई सलाइन

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 11 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे पाटिल की तबीयत सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात बिगड़ गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने…

अनशन के 11वें दिन बिगड़ी मनोज जरांगे की तबीयत, शुगर लेवल गिरने पर आधी रात को चढ़ाई गई सलाइन
(फोटो: IANS)

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 11 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे पाटिल की तबीयत सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात बिगड़ गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने जांच में पाया कि उनका शुगर लेवल काफी कम हो गया था और उन्हें चक्कर आ रहे थे, जिसके बाद उन्हें सलाइन लगाई गई।

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जानकारी के अनुसार, तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उदय सामंत और विधायक प्रसाद लाड ने मनोज जरांगे से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने उनसे चिकित्सा उपचार लेने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि 8 सितंबर से उनकी मांगों से जुड़े सभी मुद्दों पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इस बातचीत और अनुरोध के बाद, जरांगे पाटिल रात करीब ढाई बजे सलाइन लेने के लिए तैयार हुए।

क्या हैं आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें?

मनोज जरांगे पाटिल और उनके समर्थकों की प्रमुख मांग है कि पूरे मराठा समुदाय को कुनबी मानकर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कोटे में शामिल किया जाए। कुनबी, जो महाराष्ट्र में कृषि से जुड़ा एक समुदाय है, को पहले से ही सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा मानते हुए ओबीसी श्रेणी में आरक्षण का लाभ मिलता है। इससे पहले, सरकार ने यह व्यवस्था की थी कि जिन मराठा परिवारों के पास निजाम-काल के दस्तावेजों या हैदराबाद गजेटियर जैसे ऐतिहासिक प्रमाण होंगे, उन्हें कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। हालांकि, मौजूदा ओबीसी और कुनबी संगठन सभी मराठों को बिना प्रमाण के कुनबी का दर्जा देने का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इससे उनके आरक्षण कोटे पर असर पड़ेगा।

सरकार से बातचीत की उम्मीद

लगातार अनशन के कारण मनोज जरांगे का स्वास्थ्य कमजोर हो रहा है, जिससे उनके समर्थकों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए जालना के अंतरवाली सराटी गांव पहुंच सकता है, जहां अनशन जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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