द्विपक्षीय रक्षा संबंध मजबूत करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जाएंगे श्रीलंका
भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री और रक्षा साझेदारी को और मजबूती देने के उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर श्रीलंका जाएंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह यात्रा…
भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री और रक्षा साझेदारी को और मजबूती देने के उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर श्रीलंका जाएंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह यात्रा मंगलवार से शुरू होगी और इसका मकसद दोनों देशों के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को आपसी लाभ वाले क्षेत्रों में और गहरा करना है।
इस दौरे पर रक्षा मंत्री के साथ रक्षा और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा। अपनी यात्रा के दौरान, राजनाथ सिंह श्रीलंकाई नेताओं के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करेंगे और कोलंबो में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।
भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति
रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सागर' (SAGAR - Security and Growth for All in the Region) विजन और 'पड़ोसी पहले' की नीति के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारत और श्रीलंका के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं और उनकी साझेदारी क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा, आर्थिक सहयोग और दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित है।
बयान में इस बात पर भी जोर दिया गया कि भारत ने आर्थिक संकट के दौरान श्रीलंका की मदद की और 2025 में आए चक्रवात 'डिटवाह' के बाद सबसे पहले सहायता प्रदान करने वालों में से एक था, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा मिला। चक्रवात के बाद भारत ने श्रीलंका के लिए 450 मिलियन डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज की घोषणा की थी, जिसमें सड़क, रेलवे, घर, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में मदद शामिल थी।
हाल की उच्च-स्तरीय मुलाकातें
राजनाथ सिंह का यह दौरा हाल ही में हुई अन्य महत्वपूर्ण रक्षा वार्ताओं के बाद हो रहा है। अगस्त में, श्रीलंकाई नौसेना के कमांडर वाइस-एडमिरल डेमियन फर्नांडो ने भारत का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की थी।
वाइस-एडमिरल फर्नांडो ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन से भी मुलाकात की थी, जहाँ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। इन बैठकों में दोनों पक्षों ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
इनपुट: IANS



