LIC निवेश धोखाधड़ी: CBI ने रिलायंस कम्युनिकेशंस और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से जुड़े एक निवेश धोखाधड़ी मामले में रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसके कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। समाचार एजेंसी IANS…
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से जुड़े एक निवेश धोखाधड़ी मामले में रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसके कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चार्जशीट मुंबई में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत की गई है।
इस मामले में रिलायंस एडीए ग्रुप के दो वरिष्ठ अधिकारियों—ग्रुप एमडी अमिताभ झुनझुनवाला और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विश्वास जोशी—को आरोपी बनाया गया है। इनके अलावा, LIC के तत्कालीन मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) पी. वेणुगोपाल का नाम भी चार्जशीट में शामिल है।
क्या हैं धोखाधड़ी के आरोप?
जांच एजेंसी के अनुसार, इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई ने एक बयान में कहा कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और दूसरे आरोपों की जांच अभी जारी है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 2012 का है, जब LIC ने कथित तौर पर गलत जानकारी के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड द्वारा जारी किए गए 1,500 करोड़ रुपये के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) खरीदे थे। CBI का आरोप है कि इस NCD सब्सक्रिप्शन से प्राप्त धन को बाद में एडीए ग्रुप की अन्य कंपनियों में भेज दिया गया। इस प्रक्रिया से LIC को गलत तरीके से नुकसान हुआ, जबकि आरोपी व्यक्तियों और कंपनियों को अनुचित लाभ मिला।
कुल नुकसान और अन्य मामले
LIC की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 1 अप्रैल, 2026 को यह मामला दर्ज किया था। शिकायत में LIC को कुल 3,750 करोड़ रुपये का कथित नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। यह चार्जशीट रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े मामलों में सीबीआई द्वारा दायर की गई आठवीं चार्जशीट है। इससे पहले एजेंसी सात अन्य आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है और अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इनपुट: IANS



