गोरेगांव गैस लीक: संजय निरुपम ने BMC की कार्रवाई पर उठाए सवाल, अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की मांग
मुंबई के गोरेगांव में जहरीली गैस लीक होने से दो युवकों की मौत के बाद शिवसेना नेता संजय निरुपम ने बीएमसी और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
मुंबई के गोरेगांव में जहरीली गैस लीक होने से दो युवकों की मौत के बाद शिवसेना नेता संजय निरुपम ने बीएमसी और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को घटनास्थल का दौरा करने के बाद निरुपम ने आरोप लगाया कि रिहायशी बस्तियों के बीच अवैध रूप से चल रही फैक्ट्रियां लोगों की जान ले रही हैं।
यह दर्दनाक हादसा गोरेगांव पूर्व की एक इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट में हुआ, जहां से निकली खतरनाक एसिड गैस पास के बाथरूम में भर गई। संजय निरुपम ने बताया, "दो नौजवान बाथरूम के अंदर थे। अंदर ही घुटकर मर गए। बाहर एक बिल्ली थी, वह भी मर गई।"
बीएमसी की कार्रवाई पर सवाल
निरुपम ने आरोप लगाया कि यह हादसा प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने कहा कि पिछले 3-4 सालों में बीएमसी की आंखों के सामने 40-50 अवैध झोपड़े बन गए, जिनमें इलेक्ट्रोप्लेटिंग जैसी जहरीली फैक्ट्रियां और जुए के अड्डे चल रहे हैं।
उन्होंने बीएमसी की तोड़-फोड़ की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि प्रशासन ने हादसे के बाद जहरीली फैक्ट्रियों को छोड़कर बेगुनाहों के घर तोड़ दिए, यहां तक कि एक 50 साल पुराना शिव मंदिर भी ध्वस्त कर दिया गया, जबकि अवैध धंधे अब भी जारी हैं। निरुपम के मुताबिक, इस वजह से स्थानीय नागरिक बीएमसी की नीयत पर शक कर रहे हैं।
अधिकारियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग
संजय निरुपम ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिडे को टैग कर हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने मांग की कि रिहायशी इलाकों से सभी अवैध इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिटों को तुरंत बंद किया जाए, दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
इनपुट: IANS



