शेयर बाजार में गिरावट जारी: सेंसेक्स 243 अंक और टूटा, निफ्टी 22,700 के करीब
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में अस्थिरता के चलते भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट का दौर देखने को मिला। बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स 243 अंक से…
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में अस्थिरता के चलते भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट का दौर देखने को मिला। बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स 243 अंक से ज्यादा टूट गया, वहीं निफ्टी भी लाल निशान में बंद हुआ। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिन की शुरुआत में तो और भी बड़ी गिरावट थी, जब दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 1-1 प्रतिशत तक फिसल गए थे, लेकिन बाद में बाजार थोड़ा संभल गया।
मंगलवार को कारोबार खत्म होने पर बीएसई सेंसेक्स 242.65 अंक (0.33%) गिरकर 72,529.07 पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई का निफ्टी50 सूचकांक 64.05 अंक (0.28%) की गिरावट के साथ 22,716.20 पर आ गया।
दिन भर बाजार में रही उथल-पुथल
कारोबार के दौरान बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। सेंसेक्स अपने पिछले बंद 72,771.72 के मुकाबले 72,633.68 पर खुला और एक समय यह 708 अंक (0.97%) गिरकर 72,064 के दिन के सबसे निचले स्तर तक चला गया था। वहीं, निफ्टी भी 22,780.25 के पिछले बंद के मुकाबले 22,732.45 पर खुला और दिन में 210.6 अंक (0.92%) लुढ़ककर 22,569.65 के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था।
गिरावट का असर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा। व्यापक बाजार में भी कमजोरी दिखी, जहाँ निफ्टी मिडकैप में 0.99% और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.81% की गिरावट दर्ज की गई।
कौन से सेक्टर गिरे, कौन से चढ़े?
सेक्टरों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (2.71%), निफ्टी केमिकल (2.31%) और निफ्टी रियल्टी (2%) में सबसे ज्यादा गिरावट आई। इनके अलावा आईटी, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर भी 1% से ज्यादा टूटे। हालांकि, इस गिरावट के माहौल में निफ्टी मेटल, फार्मा और मीडिया सेक्टरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
निफ्टी50 में अदाणी एंटरप्राइजेज (5%) और अदाणी पोर्ट्स (4.4%) के शेयर शीर्ष पर रहे। वहीं, टाइटन, विप्रो, एचसीएल टेक, अपोलो हॉस्पिटल और टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों की राय और आगे का नजरिया
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और बॉन्ड यील्ड का उतार-चढ़ाव उनके फैसलों पर असर डाल रहा है। एक विशेषज्ञ के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,750–22,800 का स्तर एक तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) बना हुआ है, जबकि 22,550-22,600 के स्तर पर इसे सपोर्ट मिल रहा है। यदि सूचकांक 22,500 से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
जानकारों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव का असर बाजार की धारणा पर बना रहेगा, लेकिन अब धीरे-धीरे ध्यान दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजों की ओर जाएगा, जिसको लेकर उम्मीदें पहले से ही कम हैं।
इनपुट: IANS



