पुणे: चाकण और हिंजवडी के ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, ₹1826 करोड़ की विकास योजनाओं को मुख्यमंत्री की हरी झंडी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे के दो प्रमुख औद्योगिक और आईटी क्षेत्रों, चाकण और हिंजवडी, में ट्रैफिक और बुनियादी ढांचे की समस्याओं से निपटने के लिए कुल 1,826 करोड़ रुपये की विकास…
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे के दो प्रमुख औद्योगिक और आईटी क्षेत्रों, चाकण और हिंजवडी, में ट्रैफिक और बुनियादी ढांचे की समस्याओं से निपटने के लिए कुल 1,826 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, सह्याद्री अतिथि गृह में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में इन योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
इस योजना के तहत चाकण के लिए 1,400 करोड़ रुपये और हिंजवडी के लिए 426 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन परियोजनाओं का काम इसी साल दिसंबर से शुरू करने की योजना है, ताकि अगले मानसून से पहले चाकण में यातायात और जलभराव की समस्याओं में बड़ा सुधार देखने को मिल सके। बैठक में नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल और मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
चाकण में जलभराव और सड़कों का कायाकल्प
चाकण औद्योगिक क्षेत्र में मानसून के दौरान पानी भरने की समस्या बेहद गंभीर है, जिसका मुख्य कारण लगभग 78 किलोमीटर लंबे प्राकृतिक नालों पर हुआ अतिक्रमण है। इस वजह से कंपनियों में पानी घुस जाता है और यातायात ठप पड़ जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए नालों से अतिक्रमण हटाने, सड़कों के किनारे बरसाती पानी की निकासी के लिए नाले बनाने और पुलियों की क्षमता बढ़ाने की योजना है। प्रशासन ने नालों पर से 70-80% अतिक्रमण पहले ही हटा दिया है और जून 2027 तक इस काम को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है।
इसके साथ ही, चाकण के 498 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क में से पहले चरण में 75 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुधार किया जाएगा। इन सड़कों पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ, सुरक्षित क्रॉसिंग और सर्विस लाइनों के लिए अलग से जगह बनाई जाएगी।
स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और सार्वजनिक परिवहन
चाकण और हिंजवडी में ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए बिग डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। चाकण के छह प्रमुख चौराहों पर AI-आधारित ट्रैफिक सिग्नल, कैमरे और नंबर प्लेट पहचान प्रणाली लगाई जाएगी, जिन्हें एक सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। पुणे और पिंपरी-चिंचवड से आने वाले कामगारों के लिए लगभग 500 अतिरिक्त बसें चलाने की भी योजना है, ताकि निजी वाहनों का उपयोग कम हो सके।
बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
इन योजनाओं में अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सभी संबंधित एजेंसियों जैसे एमआईडीसी, पीएमआरडीए और लोक निर्माण विभाग को मिलकर काम करने का निर्देश दिया है।
प्रमुख प्रस्तावित कार्यों में शामिल हैं:
- बड़े वाहनों की पार्किंग के लिए एमआईडीसी द्वारा पांच स्थानों पर व्यवस्था करना।
- पानी की आपूर्ति योजना को 2027 तक पूरा करना और बिजली आपूर्ति के लिए 100 एमवीए क्षमता का सब-स्टेशन बनाना।
- 14 गांवों और दो नगर परिषदों के लिए एक केंद्रीकृत कचरा प्रबंधन केंद्र स्थापित करना।
- यातायात प्रबंधन में मदद के लिए 1 अक्टूबर से महाराष्ट्र सुरक्षा बल के 100 जवान तैनात करना।
इनपुट: IANS



