कैंसर की दवाएँ होंगी सस्ती: सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, मुनाफे पर 30% की सीमा लगाने की तैयारी
कैंसर मरीज़ों के लिए दवाओं पर होने वाले बेतहाशा खर्च में जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह गैर-अनुसूचित (जिनकी कीमतें सीधे तौर पर नियंत्रित नहीं हैं)…
कैंसर मरीज़ों के लिए दवाओं पर होने वाले बेतहाशा खर्च में जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह गैर-अनुसूचित (जिनकी कीमतें सीधे तौर पर नियंत्रित नहीं हैं) कैंसर दवाओं के व्यापार मार्जिन को 30% तक सीमित करने का फैसला ले चुकी है। इस कदम से इन दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में 20 से 70 प्रतिशत तक की कमी आने का अनुमान है, जिससे मरीज़ों को सालाना लगभग 2,500 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार ने यह जानकारी एक हलफनामे के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है। इसमें बताया गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जो उन कैंसर दवाओं की सूची तैयार करेगी जिन पर यह नया नियम लागू किया जा सकता है। यह समिति 9 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बनाई गई थी और इसे 10 से 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
मुनाफे पर लगेगी लगाम
सरकार ने अदालत में स्वीकार किया कि उसे इस बात की जानकारी है कि अस्पतालों में दवाओं और मेडिकल सामान के लिए बहुत ज़्यादा पैसे वसूले जाते हैं। कुछ अस्पताल कैंसर की दवाओं पर 700% तक का मुनाफा कमाते हैं। सरकार का कहना है कि यह नई व्यवस्था गैर-ज़रूरी मुनाफे पर रोक लगाएगी।
हलफनामे में बताया गया है कि मरीज़ों की मोलभाव करने की क्षमता अस्पतालों में बहुत कम होती है और उन्हें अक्सर दवाओं की सही कीमत या सस्ते विकल्पों की जानकारी नहीं होती। भले ही भारत में कई कंपनियां कम कीमत पर दवाएं बनाती हैं, लेकिन मरीज़ों तक पहुँचते-पहुँचते वे बहुत महंगी हो जाती हैं।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
एक बार विशेषज्ञ समिति अपनी रिपोर्ट दे देगी, तो राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) इस मामले पर विचार करेगा और ज़रूरी निर्देश जारी करेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह पहले भी कई दवाओं और चिकित्सा उत्पादों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा चुकी है और इस समस्या को दूर करने के उपाय तलाश रही है।
इनपुट: IANS



