दिल्ली-NCR में CNG हुई महंगी, ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने दी हड़ताल की चेतावनी, किराया बढ़ाने की मांग
दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ऑटो-टैक्सी की हड़ताल हो सकती…
दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ऑटो-टैक्सी की हड़ताल हो सकती है, जिससे राजधानी की परिवहन व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, ट्रांसपोर्टर किराए में तत्काल बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।
ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि सीएनजी के दाम बढ़ने का असर सिर्फ ट्रांसपोर्टरों पर ही नहीं, बल्कि छोटे कारोबारियों और आम लोगों पर भी पड़ेगा। उन्होंने चिंता जताई कि ईंधन की लागत बढ़ने से माल ढुलाई महंगी होगी, जिसका बोझ अंततः उत्पादों की कीमतों में जुड़कर उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।
छोटे कारोबारियों और माल ढुलाई पर असर
राजेंद्र कपूर ने याद दिलाया कि सरकार ने लंबे समय तक प्रदूषण घटाने के लिए वाहनों को सीएनजी पर शिफ्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया था। अब जब बड़ी संख्या में वाहन इस पर निर्भर हैं, तो कीमतों में बढ़ोतरी से उनकी लागत बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि इसका सबसे ज्यादा असर छोटी मालवाहक गाड़ियों पर पड़ेगा, जो फैक्ट्रियों तक सामान पहुंचाने और अन्य स्थानीय ढुलाई के कामों में लगी हैं। कपूर ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह मूल्य वृद्धि लोगों को सीएनजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर धकेलने की किसी नीति का हिस्सा है, और सरकार से इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की।
ऑटो-टैक्सी चालक नाराज, किराया बढ़ाने की मांग
दूसरी ओर, दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महासचिव राजेंद्र सोनी ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में सीएनजी की कीमतों में करीब 12 रुपये की कुल बढ़ोतरी हो चुकी है। उन्होंने सरकार पर ऑटो-टैक्सी चालकों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मौजूदा सरकार मजदूरों और ऑटो-टैक्सी चालकों के हित में काम नहीं कर रही है।"
राजेंद्र सोनी ने कहा कि चुनाव के वादे, जैसे कि कल्याण बोर्ड का गठन, पूरे नहीं किए गए हैं और फिटनेस शुल्क जैसे अन्य खर्चों में बढ़ोतरी ने ड्राइवरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आय में बढ़ोतरी के बिना लागत का बोझ उठाना मुश्किल है, इसलिए किराया बढ़ाना अब बेहद जरूरी हो गया है।
बातचीत नहीं तो हड़ताल की चेतावनी
यूनियन ने साफ कर दिया है कि वे टकराव नहीं चाहते और बातचीत से समाधान निकालने के पक्ष में हैं। सोनी ने बताया कि उन्होंने दिल्ली सरकार और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखकर बैठक की मांग की है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी, "यदि सरकार ने बैठक नहीं बुलाई और हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 9 तारीख की रात 12 बजे के बाद करीब एक लाख ऑटो और काली-पीली टैक्सियां सड़कों से हट सकती हैं।" उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति पैदा होने की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी।
इनपुट: IANS



