कोलकाता बिलबोर्ड विवाद: तृणमूल कांग्रेस के एक और कार्यकर्ता की गिरफ़्तारी, अब तक 14 लोग हिरासत में
कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के दफ़्तर से अवैध बिलबोर्ड हटाने को लेकर हुआ विवाद गहराता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में कोलकाता पुलिस ने एक और तृणमूल…
कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के दफ़्तर से अवैध बिलबोर्ड हटाने को लेकर हुआ विवाद गहराता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में कोलकाता पुलिस ने एक और तृणमूल कार्यकर्ता को गिरफ़्तार किया है, जिससे कुल गिरफ़्तारियों की संख्या 14 हो गई है। ताज़ा गिरफ़्तारी तौफिक नामक व्यक्ति की हुई है, जिसे शहर पुलिस के एंटी-रॉडी स्क्वाड (ARS) ने पकड़ा।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तौफिक पर गुरुवार को नगर निगम और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है। गिरफ़्तारी के बाद उसे शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया, जहाँ इस पूरे विवाद से जुड़ी तीन FIR पहले से ही दर्ज हैं।
मामले में अब तक की कार्रवाई
इस मामले में पहले गिरफ़्तार किए गए 13 लोगों को शुक्रवार को कोलकाता की एक निचली अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उनकी ज़मानत याचिकाएँ खारिज करते हुए सभी को 3 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इस पूरे प्रकरण में शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। पहली शिकायत उसी थाने के एक पुलिस अधिकारी ने, दूसरी पास के पार्क स्ट्रीट थाने के एक पुलिसकर्मी ने और तीसरी शिकायत कोलकाता नगर निगम (KMC) ने दर्ज कराई है।
विवाद की जड़ और बड़े नाम
यह तनाव तब शुरू हुआ जब KMC के अधिकारी पुलिस के साथ अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय की छत पर लगे अवैध बिलबोर्ड को हटाने पहुँचे। मौके पर मौजूद अभिषेक बनर्जी, तृणमूल के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और अन्य पार्टी नेताओं ने निगम की कार्रवाई का विरोध किया। अभिषेक बनर्जी ने KMC के नोटिस की कानूनी वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आदेश की प्रति के साथ बिलबोर्ड की तस्वीर संलग्न नहीं थी, इसलिए यह अमान्य है।
इसके बाद KMC अधिकारी संशोधित आदेश लेकर लौटे और पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। जब वे बिलबोर्ड हटाने के लिए छत पर जाने लगे, तो अभिषेक बनर्जी के सहयोगियों, जिनमें कुछ महिला कार्यकर्ता भी शामिल थीं, ने सीढ़ियों पर मानव-दीवार बनाकर रास्ता रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और तृणमूल समर्थकों के बीच झड़प भी हुई। अंततः पुलिस ने रास्ता साफ़ कराकर निगम कर्मचारियों को छत तक पहुँचाया और बिलबोर्ड को हटा दिया गया।
इनपुट: IANS



