दतिया उपचुनाव: नतीजे 3 अगस्त को, नतीजों से पहले ही कांग्रेस और भाजपा ने ठोका अपनी-अपनी जीत का दावा
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने में अभी दो दिन बाकी हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत के दावे करने शुरू कर दिए हैं। यहां 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है और वोटों की…
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने में अभी दो दिन बाकी हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत के दावे करने शुरू कर दिए हैं। यहां 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है और वोटों की गिनती 3 अगस्त को होनी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मतगणना से पहले ही मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और भाजपा दोनों खेमों से जीत को लेकर आत्मविश्वास भरे बयान सामने आ रहे हैं।
कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एक मामले में अयोग्य ठहराए जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा। 2023 के विधानसभा चुनाव में भारती ने यहां से जीत हासिल की थी, लेकिन एफडी में गड़बड़ी के एक आरोप में अदालत द्वारा उन्हें दो साल से अधिक की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
किसका क्या है दावा?
एक ओर जहां पूर्व मंत्री पीपी शर्मा ने कांग्रेस के पक्ष में लहर होने का दावा किया है, वहीं मोहन यादव सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने भाजपा की जीत को तय बताया है। शर्मा के अनुसार, "दतिया में कांग्रेस के पक्ष में लहर थी, कांग्रेस के नेताओं ने एकजुट से प्रचार किया और कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह की जीत तय है।" हालांकि, उन्होंने ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका भी जताई।
इसके जवाब में मंत्री विश्वास सारंग का कहना है, "कांग्रेस के जो बयान आ रहे हैं वह बताते हैं कि कांग्रेस की हार तय है और यहां भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी भारी बहुमत से जीतने वाले हैं। कांग्रेस में निराशा और हताश है यही कारण है कि वह नतीजे से पहले अपनी हार मान रहे हैं।"
त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
इस उपचुनाव में कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने आशुतोष तिवारी पर दांव खेला है। इनके अलावा आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव भी मैदान में हैं, जिनके कारण मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है। फिलहाल, सभी की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जिसके लिए ईवीएम कंट्रोल रूम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
इनपुट: IANS



