ऑनलाइन धोखाधड़ी: सैकड़ों करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग में ED का शिकंजा, चेन्नई से दो गिरफ्तार
ऑनलाइन निवेश, नौकरी और शेयर बाजार के नाम पर लोगों से की गई करोड़ों की धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पर्दाफाश किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में चेन्नई से…
ऑनलाइन निवेश, नौकरी और शेयर बाजार के नाम पर लोगों से की गई करोड़ों की धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पर्दाफाश किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में चेन्नई से दो प्रमुख आरोपियों, रोशन फियाज और अम्मार, को गिरफ्तार किया गया है। इन पर सैकड़ों 'म्यूल' बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए 400 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को लॉन्डर करने का आरोप है।
ईडी ने यह कार्रवाई 'मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम' (पीएमएलए), 2002 के तहत की है। दोनों आरोपियों को चेन्नई की पीएमएलए विशेष अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
धोखाधड़ी का तरीका और रकम की लॉन्ड्रिंग
आरोपी सोशल मीडिया या फोन के जरिए पीड़ितों को आकर्षक निवेश योजनाओं, नौकरियों या अन्य ऑनलाइन तरीकों का झांसा देते थे। विश्वास जीतने के बाद, वे पीड़ितों से पैसे 'म्यूल' खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।
इसके बाद इस रकम को कई अन्य बैंक खातों में छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा जाता था। ईडी के मुताबिक, इस रकम का कुछ हिस्सा नकद निकाल लिया जाता और बाकी को क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) में बदलकर क्रिप्टो वॉलेट नेटवर्क में भेज दिया जाता था, ताकि पैसों का स्रोत छिपाया जा सके।
कई राज्यों में फैला था जाल
ईडी ने अपनी जांच दो एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जो तमिलनाडु पुलिस के स्टेट साइबर क्राइम कमांड सेंटर और तेलंगाना के साइबराबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थीं। ये मामले भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023/आईपीसी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज हुए थे।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में दर्ज 10 अन्य एफआईआर भी इसी नेटवर्क से जुड़ी हैं। इसके अलावा, इसी नेटवर्क से संबंधित 600 से अधिक साइबर अपराध की शिकायतें भी मिली हैं।
मुख्य साजिशकर्ता और उनकी भूमिका
ईडी की जांच में पता चला है कि रोशन फियाज और अम्मार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। रोशन फियाज को इस नेटवर्क का मुख्य व्यक्ति बताया गया है, जो अपने, अपनी पत्नी और अपनी संस्थाओं के नाम पर 31 'म्यूल' बैंक खातों का संचालन कर रहा था। इन खातों में 300 करोड़ रुपये का लेन-देन पाया गया।
वहीं, अम्मार का काम नेटवर्क के लिए बैंक खाते, अकाउंट किट, नेट-बैंकिंग क्रेडेंशियल, सिम कार्ड और मोबाइल फोन उपलब्ध कराना था, ताकि क्रिप्टो खरीदारों से भारतीय रुपये हासिल किए जा सकें।
छापेमारी और बरामदगी
गिरफ्तारी से पहले, ईडी ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत रोशन फियाज, अम्मार और उनसे जुड़ी संस्थाओं के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान 14.50 लाख रुपये नकद, 3.26 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी जब्त की गई थी। इसके अलावा, विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 88.28 लाख रुपये भी फ्रीज कर दिए गए थे।
इनपुट: IANS



