गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
अपराध

मुंबई: लंबत बिल्डिंग धोखाधड़ी और जबरन वसूली मामले में ED का एक्शन, 4 करोड़ की संपत्ति कुर्क

मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जबरन वसूली और धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त कर ली है। समाचार एजेंसी IANS…

मुंबई: लंबत बिल्डिंग धोखाधड़ी और जबरन वसूली मामले में ED का एक्शन, 4 करोड़ की संपत्ति कुर्क
(फोटो: IANS)

मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जबरन वसूली और धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त कर ली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कार्रवाई में एक अचल संपत्ति और कई बैंक खाते शामिल हैं। यह कदम 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के प्रावधानों के तहत उठाया गया है।

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ईडी की जांच दादर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर पर आधारित थी, जिसे बाद में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंप दिया गया था। शुरुआती एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

क्या है पूरा मामला?

जांच में यह बात सामने आई कि शब्बीर अहमद हसन करोलिया और यूसुफ अहमद हसन करोलिया समेत अन्य आरोपियों ने एक साजिश के तहत 'लंबत बिल्डिंग' नाम की प्रॉपर्टी को अवैध रूप से हथिया लिया। उन्होंने खुद को संपत्ति का असली मालिक बताते हुए 'डीड ऑफ कन्वेयंस' (संपत्ति हस्तांतरण विलेख) जैसे कई जाली दस्तावेज़ तैयार किए थे।

धमकी और जबरन वसूली के आरोप

मामले में आगे खुलासा हुआ कि असलम अब्दुल रहमान पटनी नाम के एक अन्य आरोपी ने बिल्डिंग में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली यास्मीन मोहम्मद अहमद और स्वर्गीय शेरजादा जंगरेज खान को डराया-धमकाया। आरोप है कि उसने 'डी-कंपनी', दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के बहनोई सलीम इकबाल कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट का नाम लेकर उन्हें धमकाया और उनकी हिस्सेदारी जबरन छीन ली। असली मालिकों को उनकी प्रॉपर्टी से बिना कोई भुगतान किए बेदखल कर दिया गया।

संपत्ति कैसे ट्रांसफर हुई?

ईडी की जांच के मुताबिक, हिस्सेदारी हथियाने के बाद असलम पटनी ने यह संपत्ति सलीम फ्रूट की पत्नी शाजिया सलीम इकबाल कुरैशी को ट्रांसफर कर दी। इस लेन-देन को इस तरह से अंजाम दिया गया ताकि यह एक वैध हस्तांतरण लगे, जबकि असल में यह जबरन वसूली से हासिल की गई संपत्ति थी। इस तरह यह प्रॉपर्टी आखिरकार सलीम फ्रूट के परिवार के पास पहुंच गई।

इन्हीं जांच निष्कर्षों के आधार पर ईडी ने 'लंबत बिल्डिंग', जो अब शाजिया सलीम इकबाल कुरैशी के नाम पर है, के साथ-साथ असलम पटनी और अन्य आरोपियों के बैंक बैलेंस को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। एजेंसी ने बताया है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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