गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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बलूचिस्तान: मानवाधिकार संगठन का आरोप, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने की 4 नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन 'बलूच यकजेहती कमेटी' (BYC) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकार…

बलूचिस्तान: मानवाधिकार संगठन का आरोप, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने की 4 नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन 'बलूच यकजेहती कमेटी' (BYC) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकार समर्थित समूहों पर चार नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन घटनाओं में लोगों को पहले जबरन गायब किया गया और बाद में उनके शव बरामद हुए।

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संगठन ने गुरुवार को खुलासा किया कि 60 वर्षीय दुकानदार इलाही बख्श और 32 वर्षीय ड्राइवर मुनीर अहमद के शव 2 नवंबर को नाल क्षेत्र के 'लाघोरजार्ड' इलाके में फेंके हुए मिले। दोनों को पहले जबरन गायब कर दिया गया था।

अलग-अलग घटनाओं का ब्योरा

BYC के मुताबिक, पाकिस्तान फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के जवानों ने इलाही बख्श को 30 अक्टूबर को उनके घर से जबरन उठा लिया था। वहीं, मुनीर अहमद को 2 अक्टूबर को एक पाकिस्तान समर्थित 'डेथ स्क्वॉड' ने उनके घर से अगवा किया था। दोनों ही मामलों में परिवारों को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

एक अन्य घटना में, सलाहुद्दीन नामक व्यक्ति की 31 अक्टूबर को एक 'फर्जी मुठभेड़' में हत्या कर दी गई। उनका शव खरान जिले के 'जरदैन कोटी' इलाके के पास मिला। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने सलाहुद्दीन और उनके भाई अजार को 7 अगस्त को उनके घर से जबरन उठाया था।

इसी तरह, 17 वर्षीय छात्र रेयान उलफत का क्षत-विक्षत शव 22 अक्टूबर को पासनी क्षेत्र के कुलांच इलाके से बरामद हुआ। वह आठ दिनों से लापता थे। संगठन का आरोप है कि 'डेथ स्क्वॉड' ने 16 अक्टूबर को रेयान को उनके घर से अगवा कर लिया था।

न्याय और निष्पक्ष जाँच की माँग

इन हत्याओं की निंदा करते हुए 'बलूच यकजेहती कमेटी' ने इसे जीवन, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है। संगठन ने कहा, "किसी को भी उसके घर से उठाकर गुप्त रूप से हिरासत में नहीं रखा जाना चाहिए और न ही उसे कानून के संरक्षण से बाहर रखकर उसकी जान ली जानी चाहिए।"

संगठन ने इलाही बख्श की हत्या की निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और परिवार को न्याय मिलना चाहिए। BYC ने बलूचिस्तान में इस तरह की घटनाओं को एक 'चिंताजनक पैटर्न' बताते हुए कहा कि जिन्हें जबरन गायब किया जाता है, बाद में अक्सर उनके शव मिलते हैं और हत्याओं को 'फर्जी मुठभेड़' का रूप दे दिया जाता है।

संगठन ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक समुदाय से बलूचिस्तान में बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति और गैर-कानूनी हत्याओं पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है।

इनपुट: IANS

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