बंगाल में 'कट मनी' और 'सिंडिकेट राज' खत्म करने की तैयारी, मंत्री दिलीप घोष बोले - सख्त कानून बनेगा
पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में कथित तौर पर बढ़ रही 'टोलाबाजी', 'सिंडिकेट' और 'कट-मनी' की संस्कृति पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रही है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार…
पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में कथित तौर पर बढ़ रही 'टोलाबाजी', 'सिंडिकेट' और 'कट-मनी' की संस्कृति पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रही है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा है कि इस अपराध संस्कृति को हर हाल में रोकना होगा, जिसके लिए आवश्यक कानून बनाए जाएंगे।
न्यूटाउन में पत्रकारों से बात करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि इन गतिविधियों ने राज्य के उद्योग-धंधों को नुकसान पहुंचाया है और आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी की है। उन्होंने दावा किया कि 'टोलाबाजी', 'सिंडिकेट' और 'कट-मनी' जैसे शब्द खास तौर पर बंगाल में ही सुने जाते हैं, जहां लंबे समय से असामाजिक तत्वों का प्रभाव रहा है। उनके मुताबिक, इन लोगों ने राजनीति से जुड़कर आम जनता को परेशान किया है, जिसका असर राज्य के व्यापारिक माहौल पर भी पड़ा है।
कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही
मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की मिलीभगत से कानून-व्यवस्था खराब होती थी, लेकिन अब प्रशासन को और सख्त किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिशा में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पुलिसकर्मियों की भी जवाबदेही तय की जा रही है। घोष ने चेतावनी दी, "दोषी पुलिस अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा।" सरकार का लक्ष्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जहां कोई भी राजनीतिक संरक्षण के आधार पर कानून से ऊपर न हो।
नई शिक्षा नीति और तृणमूल के विवाद पर टिप्पणी
अन्य मुद्दों पर बात करते हुए दिलीप घोष ने नई शिक्षा नीति पर केंद्र सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में व्यापक चर्चा के बाद यह नीति लागू की गई है और राज्यों में इसे चरणबद्ध तरीके से उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा, "नीति पूरी तरह लागू होने के बाद समाज को इसके लाभ दिखाई देंगे, हालांकि इसमें समय लगेगा।" वहीं, तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक विवादों पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहती और तृणमूल को अपने मुद्दे चुनाव आयोग के सामने रखने चाहिए।
इनपुट: IANS



