नंदीग्राम उपचुनाव: भाजपा ने CM सुवेंदु अधिकारी के दिवंगत PA की मां को बनाया उम्मीदवार
पश्चिम बंगाल की दो अहम विधानसभा सीटों—नंदीग्राम और रेजीनगर—पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, पार्टी ने…
पश्चिम बंगाल की दो अहम विधानसभा सीटों—नंदीग्राम और रेजीनगर—पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है, जो मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की मां हैं।
चंद्रनाथ रथ की इसी साल 6 मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के ठीक दो दिन बाद हुई थी। भाजपा ने मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट से सखराव सरकार को अपना उम्मीदवार बनाया है।
नामांकन और चुनाव की तारीखें
उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर है। मतदान 6 अक्टूबर को होगा और नतीजों की घोषणा 9 अक्टूबर को की जाएगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि हसीरानी रथ नामांकन से पहले नंदीग्राम के जानकीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद वह करीब 20,000 समर्थकों के साथ हल्दिया में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक एक जुलूस निकालकर अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। इस दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहेंगे।
क्यों हो रहे हैं ये उपचुनाव?
नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव की ज़रूरत इसलिए पड़ी क्योंकि इस साल हुए विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। उन्होंने भवानीपुर सीट पर अपनी पूर्ववर्ती और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,000 से ज़्यादा वोटों से हराया था। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया, जिससे नंदीग्राम सीट खाली हो गई।
वहीं, रेजीनगर सीट तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर के इस्तीफे से खाली हुई है। कबीर ने आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर नौदा और रेजीनगर, दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखी और रेजीनगर उपचुनाव के लिए अपने बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है।
क्या हैं राजनीतिक समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2021 से ही सुवेंदु अधिकारी के प्रभाव के कारण नंदीग्राम भाजपा का एक मज़बूत गढ़ बन चुका है, इसलिए वहां के नतीजों को लेकर कोई बड़ा संशय नहीं है। हालांकि, रेजीनगर सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। जानकारों के अनुसार, वहां की आबादी को देखते हुए यह सीट भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। वहीं, तीन गुटों में बंटी तृणमूल कांग्रेस को भी यहाँ ज़्यादा उम्मीद नहीं दिख रही है, जिससे सीपीआई (एम) और कांग्रेस के लिए अपनी संख्या बढ़ाने का एक अवसर बन सकता है।
इनपुट: IANS



