अगस्त में भारत का निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर, व्यापार घाटे में भी दिखी नरमी
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अगस्त का महीना दोहरी खुशखबरी लेकर आया। एक तरफ देश के वस्तु निर्यात ने अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ, तो वहीं दूसरी ओर व्यापार घाटे में भी कमी…
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अगस्त का महीना दोहरी खुशखबरी लेकर आया। एक तरफ देश के वस्तु निर्यात ने अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ, तो वहीं दूसरी ओर व्यापार घाटे में भी कमी दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में भारत का वस्तु निर्यात सालाना आधार पर 26.1 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो निर्यात क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान देश के व्यापार घाटे (आयात और निर्यात का अंतर) में भी सुधार हुआ। अगस्त में यह 26.86 अरब डॉलर रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 27.22 अरब डॉलर था। यह जुलाई के 32 अरब डॉलर के आंकड़े से भी काफी कम है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
निर्यात में उछाल और आयात में नरमी
वाणिज्य मंत्रालय में सचिव राजेश अग्रवाल ने इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय इंजीनियरिंग के सामान, पेट्रोलियम उत्पादों, केमिकल और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों को दिया। उन्होंने कहा, "इनकी सबसे ज्यादा मांग अमेरिका, ईयू और ब्रिक्स देशों से थी।" वहीं, आयात के मोर्चे पर भी कुछ राहत मिली। अगस्त में वस्तु आयात सालाना आधार पर 26 प्रतिशत बढ़कर 72.67 अरब डॉलर रहा, लेकिन यह जुलाई के 76.22 अरब डॉलर के आंकड़े से कम है। हालांकि, मासिक आधार पर देखें तो निर्यात जुलाई के 44.24 अरब डॉलर से थोड़ा कम हुआ है।
विदेशी मुद्रा भंडार और चालू खाता घाटा
आंकड़ों के मुताबिक, सोने के आयात में बड़ी गिरावट आई है, जो अगस्त में घटकर 2.3 अरब डॉलर रह गया। यह अगस्त 2025 के 5.4 अरब डॉलर के आंकड़े के आधे से भी कम है। इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत का चालू खाता घाटा (CAD) 4.2 अरब डॉलर यानी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 0.5 प्रतिशत रहा।
इसके अलावा, ब्लूमबर्ग के डेटा के हवाले से बताया गया है कि भारत विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश बन गया है। 4 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 44.9 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 785.7 अरब डॉलर हो गया। इस मामले में भारत ने रूस को पीछे छोड़ दिया है और अब केवल चीन, जापान और स्विट्जरलैंड से पीछे है।
इनपुट: IANS



