केसीआर फार्महाउस के पास 'शुद्धिकरण' मामला: BRS के 7 नेता न्यायिक हिरासत में भेजे गए
तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के फार्महाउस के पास सड़कों पर हल्दी-पानी छिड़ककर 'शुद्धिकरण' करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की…
तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के फार्महाउस के पास सड़कों पर हल्दी-पानी छिड़ककर 'शुद्धिकरण' करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में एक पूर्व सरपंच और भारत राष्ट्र समिति (BRS) के छह अन्य नेता शामिल हैं। मजिस्ट्रेट ने सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में सिद्धिपेट जेल भेज दिया है।
पुलिस ने इन सभी को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित एक लॉज से सोमवार को हिरासत में लिया था। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी द्वारा अपना मोबाइल फोन चालू करने पर उनकी लोकेशन का पता चला। पुलिस इस घटना के पीछे के मकसद और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
क्या है पूरा विवाद?
यह मामला 9 सितंबर की एक घटना से जुड़ा है, जब इन लोगों ने कथित तौर पर हल्दी मिले पानी से एर्रावल्ली की सड़कों को धोया था। यह 'शुद्धिकरण' ठीक एक दिन पहले हुए एक विरोध प्रदर्शन के बाद किया गया था। 8 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दलित संगठनों ने BRS के दो विधान परिषद सदस्यों (MLC) के खिलाफ 'चावु-डप्पु' (अंतिम संस्कार के ढोल) बजाकर प्रदर्शन किया था।
यह विरोध प्रदर्शन विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर था। प्रदर्शन के बाद, BRS कार्यकर्ताओं ने उन सड़कों को हल्दी पानी से धोया, जहां से प्रदर्शनकारी गुजरे थे। इस 'शुद्धिकरण' की घटना पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
पुलिस ने कैसे की कार्रवाई?
सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने इसे दलित समुदाय का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। स्थानीय कांग्रेस नेताओं की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। जांच के तहत फोरेंसिक सबूत भी जुटाए गए थे।
पूरा विवाद 7 सितंबर को विधानसभा गेट पर हुई एक घटना से शुरू हुआ था, जहां BRS विधायकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की के दौरान दो BRS MLC ने स्पीकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन पर मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन उसी दिन अदालत से वे रिहा हो गए थे।
इनपुट: IANS



