पटना में डॉक्टरों ने रचा इतिहास: 3D प्रिंटेड इंप्लांट से कैंसर मरीज़ को दी नई ज़िंदगी, वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज
बिहार की राजधानी पटना के डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिसे इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली है। यहां के दो वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जनों ने घुटने के कैंसर से पीड़ि…
बिहार की राजधानी पटना के डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिसे इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली है। यहां के दो वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जनों ने घुटने के कैंसर से पीड़ित एक 60 वर्षीय मरीज़ की सफल सर्जरी कर उसे फिर से चलने में सक्षम बनाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बेहद जटिल ऑपरेशन में दुनिया के सबसे लंबे, 545 मिलीमीटर के कस्टमाइज्ड 3D प्रिंटेड इंप्लांट का इस्तेमाल किया गया।
समस्तीपुर निवासी मरीज़ का घुटना कैंसर के कारण पूरी तरह खराब हो चुका था। इससे पहले देश के कई शहरों में उनका इलाज और कई सर्जरी हो चुकी थीं, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ और वह चलने-फिरने से पूरी तरह लाचार हो गए थे।
अनोखी सर्जरी और विश्व कीर्तिमान
इसके बाद पटना के कंकड़बाग स्थित मेडिवर्सल अस्पताल में प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. निशिकांत और डॉ. सौरभ चौधरी ने इस चुनौती को स्वीकार किया। डॉक्टरों की टीम ने अत्याधुनिक 3डी प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग करके मरीज़ के लिए विशेष तौर पर 545 मिलीमीटर लंबा इंप्लांट तैयार करवाया। चिकित्सकों के मुताबिक, इतनी लंबाई के कस्टमाइज्ड इंप्लांट के साथ यह दुनिया में अपनी तरह की पहली सर्जरी है।
इसी अद्वितीय उपलब्धि के लिए इस सर्जरी को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है, और दोनों डॉक्टरों को मेडल व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है।
मरीज़ को मिला नया जीवन
सफल प्रत्यारोपण के बाद मरीज़ की हालत में काफी सुधार हुआ है और उन्होंने दोबारा चलना शुरू कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि अब वह एक सामान्य जीवन जी रहे हैं। डॉ. सौरभ चौधरी ने इस सफलता का श्रेय पूरी चिकित्सा टीम के सामूहिक प्रयास और आधुनिक तकनीक को दिया।
वहीं, डॉ. निशिकांत ने कहा, “यह सफलता सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि पूरे बिहार के चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धि है। अब जटिल बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं है।” मेडिवर्सल अस्पताल प्रबंधन ने भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय बताया है।
इनपुट: IANS



