बंगाल में जहाजरानी उद्योग को बड़ा impulso: GRSE 2670 करोड़ रुपए निवेश कर तीन शिपयार्ड बनाएगी
सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) लिमिटेड पश्चिम बंगाल में जहाजरानी उद्योग को एक नई दिशा देने जा रही है। कंपनी राज्य में अपनी क्षमताओं का विस्तार करने के…
सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) लिमिटेड पश्चिम बंगाल में जहाजरानी उद्योग को एक नई दिशा देने जा रही है। कंपनी राज्य में अपनी क्षमताओं का विस्तार करने के लिए 2,670 करोड़ रुपए का भारी-भरकम निवेश करेगी। समाचार एजेंसी IANS से एक विशेष बातचीत में कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, कमोडोर पी.आर. हरि (सेवानिवृत्त) ने इस बड़ी योजना का खुलासा किया।
इस निवेश के तहत राज्य में तीन प्रमुख शिपयार्ड सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। इनमें सबसे अहम परियोजना दक्षिण 24 परगना जिले के रायचक में एक बिल्कुल नया और स्वतंत्र शिपयार्ड बनाना है। इस अत्याधुनिक सुविधा को विशेष रूप से बड़े आकार के जहाजों (वैसल) के निर्माण के लिए तैयार किया जाएगा।
मौजूदा सुविधाओं का भी होगा कायाकल्प
नई इकाई स्थापित करने के अलावा, जीआरएसई कोलकाता और हावड़ा के शालीमार में स्थित अपनी मौजूदा उत्पादन इकाइयों के बुनियादी ढांचे को भी अपग्रेड करेगी। योजना के अनुसार, इन दो में से एक फैसिलिटी में मध्यम और छोटे आकार के जहाजों का निर्माण होगा, जबकि दूसरी में नाव, फेरी और एस-टाइप के छोटे जहाजों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
युद्धपोत निर्माण में आत्मनिर्भरता
कमोडोर हरि ने युद्धपोत निर्माण में भारत की आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि देश में अब तक बने 270 युद्धपोतों में से 40% अकेले जीआरएसई ने बनाए हैं। उन्होंने कहा, "पिछले तीन प्रोजेक्ट्स में हमने 80 प्रतिशत तक स्वदेशीकरण हासिल किया है, हमारी कोशिश बाकी बचे 20 प्रतिशत में भी स्वदेशीकरण हासिल करना है।" उन्होंने यह भी कहा कि अब शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट्स काफी तेजी से पूरे हो रहे हैं और पिछले दो प्रोजेक्ट्स तो समय से पहले ही डिलीवर कर दिए गए।
जीआरएसई के चेयरमैन के अनुसार, नई सुविधाओं के तैयार हो जाने के बाद कंपनी की क्षमता एक साथ 28 जहाजों से बढ़कर 32 प्लेटफॉर्म बनाने की हो जाएगी। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 2019 से अब तक कंपनी 24 युद्धपोत लॉन्च कर चुकी है और उनमें से 22 की डिलीवरी भी कर दी है।
इनपुट: IANS



