ओडिशा: बाढ़ की मार के बीच एक और भारी बारिश का खतरा, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
ओडिशा में बाढ़ से जूझ रहे लाखों लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। बंगाल की खाड़ी में बने एक नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य में एक बार फिर भारी बारिश की आशंका जताई गई है। समाचार एजेंसी IANS के…
ओडिशा में बाढ़ से जूझ रहे लाखों लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। बंगाल की खाड़ी में बने एक नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य में एक बार फिर भारी बारिश की आशंका जताई गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस स्थिति को देखते हुए कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग ने बताया कि रविवार सुबह उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के इलाके में यह नया निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा और उससे सटे पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों तक पहुँचेगा, जिसके प्रभाव से राज्य भर में भारी वर्षा हो सकती है।
किन जिलों में है सबसे ज्यादा खतरा?
रेड अलर्ट: IMD ने सोमवार सुबह तक के लिए 5 जिलों — कटक, अनुगोला, ढेंकनाल, कालाहांडी और नबरंगपुर — में रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और एक-दो जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की भविष्यवाणी की गई है।
ऑरेंज अलर्ट: इसके अलावा, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, संबलपुर, देबगड़ा, केंदुझार, मयूरभंज, सुबरनापुर, बौध, कंधमाला, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, पुरी, खोरधा और नयागड़ा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान है।
वहीं, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बारागढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर, गजपति और गंजम जिलों में भी सोमवार सुबह तक भारी बारिश होने की संभावना है।
मछुआरों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 24 अगस्त तक उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर समुद्र की स्थिति अशांत से लेकर बेहद अशांत रह सकती है। इसे देखते हुए मछुआरों को 24 अगस्त तक इन समुद्री इलाकों में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राज्य पहले से ही बाढ़ की गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 7 जिलों के 1,703 गांवों में 13.44 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों में बालेश्वर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, केन्दुझर, केंद्रपाड़ा और सुंदरगढ़ शामिल हैं।
इनपुट: IANS



