KPSC भर्ती घोटाला: बेंगलुरु में IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के आवास पर ED की छापेमारी
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु में…
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के आवास पर छापा मारा है। यह कार्रवाई भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद की जा रही है।
आरोप है कि पशु चिकित्सा अधिकारियों के चयन के लिए उम्मीदवारों से 70 से 80 लाख रुपये तक की भारी रिश्वत की मांग की गई थी। ज्ञानेंद्र कुमार उस समय भर्ती परीक्षा प्रक्रिया के प्रभारी थे, जिसके कारण अब उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
छापेमारी और आगे की जांच
शुक्रवार को ईडी के अधिकारी तीन इनोवा गाड़ियों में ज्ञानेंद्र कुमार के निजी अपार्टमेंट पहुंचे। परिसर के बाहर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को भी तैनात किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में सुरक्षा कर्मियों ने अधिकारियों को अंदर जाने से रोक दिया, लेकिन बाद में ज्ञानेंद्र कुमार से संपर्क होने पर उन्हें प्रवेश की अनुमति मिली।
हालांकि, जब टीम उनके फ्लैट पर पहुंची तो वह बंद मिला। अपार्टमेंट के कर्मचारियों ने बताया कि अधिकारी घर पर नहीं थे और उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था।
जांच के दायरे में पूर्व अध्यक्ष भी
यह इस मामले में ईडी की अकेली कार्रवाई नहीं है। जांच एजेंसी ने तीन दिन पहले ही KPSC के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार के घर और कई अन्य पशु चिकित्सा अधिकारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। ईडी अब भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों की भूमिका की गहनता से पड़ताल कर रही है, ताकि कथित वित्तीय अनियमितताओं और रिश्वत के लेनदेन की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
इनपुट: IANS



