रविवार, 23 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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YSRCP का चंद्रबाबू सरकार पर हमला: मेगा DSC विवाद से ध्यान भटकाने और किसानों की अनदेखी का आरोप

आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार पर विपक्ष ने भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी और किसानों की समस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वाईएसआर कांग्रेस…

YSRCP का चंद्रबाबू सरकार पर हमला: मेगा DSC विवाद से ध्यान भटकाने और किसानों की अनदेखी का आरोप
(फोटो: IANS)

आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार पर विपक्ष ने भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी और किसानों की समस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के क्षेत्रीय समन्वयक और पूर्व मंत्री गुडिवाडा अमरनाथ ने कहा है कि सरकार मेगा डीएससी विवाद पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के बजाय मुद्दे को दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश कर रही है।

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अमरनाथ ने अपनी पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी की उस चुनौती को दोहराया, जिसमें मेगा डीएससी-2025 और एपीपीएससी भर्ती प्रक्रियाओं की सीबीआई जांच की मांग की गई थी। उन्होंने कहा, "यदि सरकार को दोनों भर्ती प्रक्रियाओं पर पूरा भरोसा है तो जांच से घबराने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए।"

भर्ती प्रक्रिया पर अनुत्तरित सवाल

गुडिवाडा अमरनाथ ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए जिनके जवाब अब तक नहीं दिए गए हैं। इनमें खेल कोटा के तहत बिना नियमित डीएससी परीक्षा के की गईं 372 नियुक्तियां, संदिग्ध खेल प्रमाणपत्रों का मामला, और नौकरी के बदले पैसे के लेन-देन से जुड़े कथित ऑडियो-वीडियो शामिल हैं। उन्होंने एक आउटसोर्स कर्मचारी के रैंक-1 हासिल करने के विवाद पर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। वाईएसआरसीपी नेता ने आरोप लगाया कि सरकार न तो विधानसभा में डीएससी का बचाव कर सकी और न ही अब विधान परिषद में विस्तृत जांच के लिए तैयार है।

किसानों की समस्या और डेटा सेंटर पर चिंता

विपक्षी दल ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अनकापल्ली यात्रा को भी निशाने पर लिया। अमरनाथ ने इसे 'इवेंट मैनेजमेंट' करार देते हुए कहा कि किसान सूखे, फसल संकट और बकाया भुगतान जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अनकापल्ली जिले में 56,000 हेक्टेयर धान क्षेत्र में से सिर्फ 5,000 हेक्टेयर में ही खेती हो पा रही है और सरकार से तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की।

इसके अलावा, मंत्री लोकेश के उस दावे पर भी सवाल उठाए गए जिसमें डेटा सेंटर परियोजनाओं से 1.80 लाख रोजगार पैदा होने की बात कही गई थी। अमरनाथ ने कहा कि सरकार बड़े पैमाने पर जमीन और प्रोत्साहन दे रही है, लेकिन रोजगार की वास्तविक संभावनाओं, पानी और बिजली की जरूरत व पर्यावरणीय प्रभावों पर कोई स्पष्टता नहीं है। उन्होंने चेताया कि पोलावरम परियोजना का जलस्तर कम करने से विशाखापत्तनम और उत्तर आंध्र की जल सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

मार्गदर्शी मामले पर भी सरकार को घेरा

इस बीच, YSRCP के एक अन्य नेता और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू ने मार्गदर्शी अवैध जमा मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने रामोजी राव को क्लीन चिट नहीं दी थी, बल्कि उनके निधन के कारण आपराधिक कार्यवाही समाप्त हुई थी। रामबाबू ने कहा, "किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद आपराधिक मामला समाप्त हो सकता है, लेकिन वित्तीय देनदारियां समाप्त नहीं होतीं।" उन्होंने आरबीआई के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) आम जनता से जमा राशि नहीं जुटा सकता और नागरिक तथा वित्तीय दायित्वों पर कार्रवाई अभी भी संभव है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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