मेरठ: किसान नेताओं से मारपीट का आरोप, जांच के बाद इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ सस्पेंड
उत्तर प्रदेश के मेरठ में दो किसान नेताओं के साथ पुलिस हिरासत में कथित तौर पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार के मामले में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में…
उत्तर प्रदेश के मेरठ में दो किसान नेताओं के साथ पुलिस हिरासत में कथित तौर पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार के मामले में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में सिविल लाइंस थाने के तत्कालीन प्रभारी और एसओजी प्रभारी इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई मेरठ के नए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने की है। निलंबन आदेश में अखिलेश गौड़ पर अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि यह फैसला डीआईजी सहारनपुर की जांच रिपोर्ट और शनिवार देर रात तक लिए गए बयानों के आधार पर लिया गया, जिसके बाद पुलिस विभाग में हलचल है।
क्या थे आरोप?
यह पूरा मामला किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। दोनों का दावा था कि पुलिस हिरासत के दौरान उनके साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उन्हें थर्ड डिग्री भी दी गई। दिग्विजय भाटी ने विशेष रूप से आरोप लगाया था कि एसएसपी कार्यालय और एसओजी कार्यालय में पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बर्बरता की और उन्हें नचाया। उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किए थे।
किसान नेता ने तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामला तूल पकड़ने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद अखिलेश गौड़ को पहले लाइन हाजिर किया गया था और अब जांच के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल, किसान नेता दिग्विजय भाटी का उपचार चल रहा है और मामले में आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।
इनपुट: IANS



