रविवार, 23 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश

यूपी: स्कूलों में मिड-डे-मील बनाने वाले 3.54 लाख रसोइयों का मानदेय बढ़कर ₹3000 हुआ

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों के लिए मिड-डे-मील बनाने वाले लगभग 3.54 लाख रसोइयों के लिए अच्छी खबर है। योगी सरकार ने उनके मासिक मानदेय में एक हजार रुपये की अतिरिक्…

यूपी: स्कूलों में मिड-डे-मील बनाने वाले 3.54 लाख रसोइयों का मानदेय बढ़कर ₹3000 हुआ
(फोटो: IANS)

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों के लिए मिड-डे-मील बनाने वाले लगभग 3.54 लाख रसोइयों के लिए अच्छी खबर है। योगी सरकार ने उनके मासिक मानदेय में एक हजार रुपये की अतिरिक्त वृद्धि का निर्णय लिया है, जिससे अब उन्हें प्रति माह 3000 रुपये मिलेंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घोषणा लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक सम्मान समारोह में की गई, जहाँ रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए गए।

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इस योजना से जुड़े रसोइयों में लगभग 93 प्रतिशत महिलाएं हैं। सरकार ने पहले भी उनके मानदेय में बढ़ोतरी की थी। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 500 रुपये और 2022-23 में 500 रुपये की वृद्धि के बाद यह राशि 2000 रुपये प्रतिमाह हो गई थी। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए की गई 1000 रुपये की नई बढ़ोतरी से उनकी वित्तीय सुरक्षा और मजबूत होगी। इसके अलावा, उन्हें साल में एक बार दो ड्रेस के लिए 500 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाते हैं।

प्रदेश में पीएम पोषण योजना का विस्तार

पीएम पोषण योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 1.42 लाख प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय आते हैं, जहाँ 1.46 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन गर्म, ताजा और पौष्टिक भोजन दिया जाता है। प्राथमिक स्तर के बच्चों को 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन, जबकि उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों को 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन युक्त भोजन मिलता है।

राज्य सरकार अपने संसाधनों से सप्ताह में एक दिन बच्चों को ताजे मौसमी फल और बुधवार को दूध भी देती है। इसके अलावा, सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन के तहत चिक्की, गुड़, चना और रामदाना के लड्डू जैसी अतिरिक्त खाद्य सामग्री भी दी गई।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर

भोजन की पौष्टिकता बढ़ाने और बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के लिए स्कूलों में किचन गार्डन भी विकसित किए गए हैं। इसके लिए सरकार 2000 से 5000 रुपये तक की धनराशि मुहैया कराती है। प्रदेश के 25 जिलों में अक्षयपात्र फाउंडेशन और 127 स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा 136 केंद्रीकृत रसोईघर भी चलाए जा रहे हैं, जिनसे लगभग 10 लाख बच्चों तक भोजन पहुँचता है। योजना की निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित है और नियमित रूप से सोशल ऑडिट भी कराया जाता है।

इनपुट: IANS

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News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

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