लखनऊ: फर्जी फर्म बनाकर GST फ्रॉड, 27 लाख की चपत लगाने वाले गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार
लखनऊ में सरकारी खजाने को 27.30 लाख रुपये का चूना लगाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। लखनऊ क्राइम ब्रांच और हसनगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी…
लखनऊ में सरकारी खजाने को 27.30 लाख रुपये का चूना लगाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। लखनऊ क्राइम ब्रांच और हसनगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ये गिरोह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत तरीके से लाभ उठा रहा था।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान वैभव सिंह, मोहम्मद अरसान, विकास कुमार और मोहम्मद साकिब के रूप में हुई है। इन सभी ने मिलकर 'मेसर्स घनश्याम इंटरप्राइजेज' नाम से एक फर्जी फर्म पंजीकृत कराई थी। इस फर्म के जरिए ये लोग कागजों पर लेन-देन दिखाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि 30 अगस्त 2025 को एक प्रार्थना पत्र मिला था, जिसके आधार पर मेसर्स घनश्याम इंटरप्राइजेज की जांच शुरू की गई। इस फर्म ने कच्चा सीसा अपशिष्ट और प्लास्टिक स्क्रैप की खरीद-बिक्री के लिए जीएसटीआईएन (GSTIN) हासिल किया था। जांच में फर्म के पंजीकरण और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
फर्जी ITC का नेटवर्क
आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके विभिन्न कंपनियों के साथ लेन-देन दिखाया और अवैध रूप से आईटीसी का दावा किया। इस तरह उन्होंने एक फर्जी आईटीसी नेटवर्क तैयार कर लिया था, जिससे सरकारी खजाने को लगभग 27.30 लाख रुपये का नुकसान हुआ। पुलिस ने इनके पास से 6 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में वैभव सिंह बीटेक, मोहम्मद अरसान एम.कॉम, विकास कुमार मिश्रा बीए एलएलबी और मोहम्मद साकिब बीए पास है। एडीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच चल रही है।
इनपुट: IANS



