मुजफ्फरपुर: जमीन पर कब्जे के मामले में LJP विधायक के घर पर पुलिस का छापा, भाई भी जांच के घेरे में
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बड़े जमीन विवाद मामले में पुलिस ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक के आवास पर तलाशी ली है। यह कार्रवाई सीतामढ़ी जिले के बेलसंड से विधायक अमित कुमार उर्फ रानू के…
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बड़े जमीन विवाद मामले में पुलिस ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक के आवास पर तलाशी ली है। यह कार्रवाई सीतामढ़ी जिले के बेलसंड से विधायक अमित कुमार उर्फ रानू के सरस्वतीनगर स्थित घर पर रविवार को की गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को न्यायालय से तलाशी वारंट मिला था, जिसके आधार पर यह छापेमारी हुई।
यह पूरा मामला 20 अगस्त को अहियापुर थाना क्षेत्र के झपाहा उड़न डी में हुई एक घटना से जुड़ा है। वहां करीब 50 लोगों के निर्माणाधीन मकानों और चारदीवारियों को तोड़ दिया गया था, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।
संगठित अपराध का शक, कई दस्तावेज बरामद
मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला संगठित तरीके से जमीन पर कब्जा करने का लग रहा है। इस मामले में मुख्य अभियुक्त सुमित श्रीवास्तव और सोनू सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। वीडियो सबूतों के आधार पर पुलिस ने सनी सिंह और सुमित श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। SSP के अनुसार, जांच में विधायक अमित कुमार के भाई सोनू सिंह की संलिप्तता भी सामने आई है।
तलाशी के दौरान पुलिस को विधायक के घर से कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं। इनमें 2017 का एक हस्ताक्षरित स्टांप पेपर भी शामिल है, जिसके फर्जी होने का अंदेशा है। इसके अलावा कुछ साझेदारी के समझौते, बैंक और वाहनों से जुड़े कागजात भी जब्त किए गए हैं। पुलिस इन दस्तावेजों को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से साझा करने की तैयारी में है ताकि मामले के आर्थिक पहलुओं की भी पड़ताल हो सके।
अब तक 13 FIR दर्ज, पुलिस जुटा रही सबूत
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद 12 और पीड़ित सामने आए हैं, जिनकी शिकायतों पर शुक्रवार को 12 अलग-अलग FIR दर्ज की गईं। इसे मिलाकर अब तक कुल 13 मामले दर्ज हो चुके हैं। SSP ने कहा कि जांच में विधायक अमित कुमार की भूमिका को लेकर भी कुछ तथ्य मिले हैं और पुलिस उनके खिलाफ सबूत जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि इलाके में लोगों के बीच डर का माहौल है और इस मामले के तार किसी पुराने संरक्षण गिरोह से भी जुड़े हो सकते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।
इनपुट: IANS



