तमिलनाडु: नीलगिरि में दो लोगों को मारने वाला बाघ 'आदमखोर' घोषित, पकड़ने के लिए बड़ा अभियान शुरू
तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में दो लोगों की जान लेने वाले एक बाघ को वन विभाग ने आधिकारिक तौर पर 'आदमखोर' घोषित कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला तब लिया गया जब इस बात के…
तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में दो लोगों की जान लेने वाले एक बाघ को वन विभाग ने आधिकारिक तौर पर 'आदमखोर' घोषित कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला तब लिया गया जब इस बात के पुख्ता सबूत मिले कि बाघ ने इंसानी शरीर के हिस्सों को खाया था। अब इस नर बाघ को पकड़ने के लिए विभाग ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है।
यह बाघ गुडलूर के पास ओ-वैली टाउन पंचायत के लॉरिस्टन इलाके में सक्रिय है और इसकी उम्र 8 से 10 साल के बीच बताई जा रही है। हाल ही में इसने दो स्थानीय निवासियों पर हमला किया था। पहली घटना 9 अगस्त को हुई, जब लॉरिस्टन एस्टेट में एम. बालकृष्णन (58) का आधा खाया हुआ शव मिला था। इसके बाद शुक्रवार को के. रविकुमार का शव उनके घर से केवल 200 मीटर की दूरी पर बरामद हुआ।
कैसे हुई 'आदमखोर' के रूप में पहचान?
गुडलूर के जिला वन अधिकारी पी. देवराज ने बताया कि दोनों शवों पर चोट के निशान और शरीर के अंगों को खाए जाने से यह पुष्टि हुई कि बाघ आदमखोर हो चुका है। विभाग को दोनों ही घटनाओं की जगह से जो पगमार्क (पंजों के निशान) मिले, वे एक ही बाघ के थे, जिससे यह साफ हो गया कि दोनों हमले उसी ने किए हैं।
पकड़ने के लिए 'युद्ध स्तर' पर तैयारी
वन विभाग ने बाघ को सुरक्षित पकड़ने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। कुल 4 विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें से दो टीमें जमीन पर पगमार्क और मल के आधार पर खोज कर रही हैं, जबकि दो अन्य टीमें ड्रोन की मदद से ऊपर से निगरानी कर रही हैं।
विभाग की योजना इस प्रकार है:
- बाघ के संभावित रास्तों पर जिंदा चारे के साथ 6 पिंजरे लगाए गए हैं।
- जमीनी टीमों को हथियार और सुरक्षा उपकरण दिए गए हैं।
- पहली प्राथमिकता बाघ को बेहोशी का इंजेक्शन (ट्रेंकुलाइजर) देकर पकड़ने की है।
- अगर बाघ हमला करता है और इंसानी जान को खतरा पैदा होता है, तो आखिरी विकल्प के तौर पर उसे गोली मारने का भी आदेश है।
बाघ को पकड़े जाने के बाद पशु चिकित्सक उसकी स्वास्थ्य जांच करेंगे। इसके बाद, चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन राकेश कुमार डोगरा की मंजूरी से उसे वंडालूर के अरिग्नार अन्ना जूलॉजिकल पार्क या सिरुमुगाई के वन्यजीव उपचार केंद्र भेजा जाएगा। फिलहाल, स्थानीय लोगों को रात में घर के अंदर रहने और बागानों में न जाने की सलाह दी गई है।
इनपुट: IANS



