कुलगाम हमला: जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP बोले- आतंकी बड़े हमले करने में नाकाम, अब आसान लक्ष्यों से फैला रहे डर
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार को दो प्रवासी मजदूरों की हत्या के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकवादी अब बड़े हमलों को अंजाम देने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए वे डर फैलाने के लिए आसान…
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार को दो प्रवासी मजदूरों की हत्या के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकवादी अब बड़े हमलों को अंजाम देने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए वे डर फैलाने के लिए आसान लक्ष्यों को निशाना बना रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के रहने वाले इन दो युवकों की उम्र 25 से 26 वर्ष थी, जो अपनी आजीविका के लिए कश्मीर आए थे। हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाने से पहले उनका नाम और धर्म पूछा था।
इस घटना ने घाटी में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एस.पी. वैद ने इस हमले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निर्मम हत्या करार दिया। उन्होंने बताया कि हत्या का यह तरीका पिछले साल पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले जैसा ही है, जहाँ पहचान के आधार पर लोगों को निशाना बनाया गया था।
सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमरनाथ यात्रा चल रही है। एस.पी. वैद के अनुसार, पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मिलकर स्थिति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हमले के पीछे शामिल आतंकियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी।
वहीं, रिटायर्ड ब्रिगेडियर विजय सागर धीमान ने IANS को बताया कि 2019 के बाद से सुरक्षा अभियानों की प्रभावशीलता काफी बढ़ी है और सफलता दर लगभग 90 प्रतिशत तक पहुँच गई है। उनके मुताबिक, इसी वजह से आतंकी अब बड़े हमले नहीं कर पा रहे हैं और भय का माहौल बनाने के लिए निहत्थे नागरिकों और प्रवासी मजदूरों जैसे आसान लक्ष्यों को निशाना बना रहे हैं।
अन्य प्रतिक्रियाएँ और जाँच
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र कुमार चौधरी ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कुलगाम की इस घटना से कुछ दिन पहले ही अनंतनाग में एक सैनिक भी शहीद हुआ था, जो सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर देता है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों की तलाश में जुटी हैं।
इनपुट: IANS



